सितारगंज। ऑनलाइन गेमिंग के दौरान हुई दोस्ती एक 17 वर्षीय किशोरी को घर से करीब एक हजार किलोमीटर दूर हिमाचल प्रदेश तक ले गई। सितारगंज से करीब दो माह पहले लापता हुई किशोरी को नानकमत्ता पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत हिमाचल प्रदेश से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने किशोरी को कथित तौर पर बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने के आरोप में 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, किशोरी 16 जून 2026 को घर से बिना बताए लापता हो गई थी। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चलने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। उनकी तहरीर के आधार पर 25 जून को नानकमत्ता कोतवाली में मामला दर्ज किया गया। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक राजेंद्र पंत को सौंपी गई।
ऑनलाइन गेमिंग के जरिए हुई थी पहचान
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंह नगर के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक संजय पाठक के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। किशोरी की तलाश के लिए पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ सर्विलांस और मैनुअल पुलिसिंग की मदद ली।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि किशोरी की पहचान एक युवक से ऑनलाइन गेमिंग के माध्यम से हुई थी। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद युवक ने कथित तौर पर किशोरी को अपनी बातों में बहलाया और 16 जून को उसे अपने साथ हिमाचल प्रदेश ले गया।
इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और अन्य माध्यमों से मिले सुरागों के आधार पर पुलिस टीम ने हिमाचल प्रदेश में दबिश दी और किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने इस मामले में हर्ष ठाकुर उर्फ निखिल (19) को गिरफ्तार किया है।
दिल्ली में रह रहा था आरोपी
पुलिस के अनुसार, आरोपी मूल रूप से हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश का रहने वाला है और वर्तमान में उत्तम नगर, दिल्ली में रह रहा था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को नियमानुसार न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।
किशोरी की बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी में पुलिस टीम में उपनिरीक्षक राजेंद्र पंत, हेड कांस्टेबल रघुनाथ गोस्वामी और कांस्टेबल गिरीश चंद्र शामिल रहे। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद करीब दो महीने से चल रही तलाश का अंत हुआ।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अभिभावक बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें और ऑनलाइन गेमिंग या सोशल मीडिया के जरिए अनजान लोगों से होने वाली दोस्ती को लेकर उन्हें सतर्क करें।



