
तिल्दा नेवरा। सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तिल्दा सासाहोली में गुरुवार 15 जनवरी को “वन्दे मातरम्” राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राएं, आचार्य-दीदियां एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि के रूप में वार्ड क्रमांक 21 की पार्षद श्रीमती रानी सौरभ जैन शामिल हुईं।
मुख्य अतिथि श्रीमती रानी सौरभ जैन ने अपने संबोधन में कहा कि वन्दे मातरम् राष्ट्रगीत की 150वीं वर्षगांठ देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर पूरे देश में उत्साह और गौरव के साथ मनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि जिस वन्दे मातरम् को गाते हुए स्वतंत्रता संग्राम में अनेक वीरों और क्रांतिकारियों ने अपने प्राणों की आहुति दी, उसी राष्ट्रगीत को आज पूरे देश में सम्मान के साथ स्मरण किया जा रहा है। वन्दे मातरम् का अर्थ है अपनी मातृभूमि को नमन करना, यह भावना प्रत्येक भारतवासी के मन में होनी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुति के अंतर्गत देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। इसके पश्चात विद्यालय के प्राचार्य श्रवण कुमार साहू ने वन्दे मातरम् के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसकी रचना बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय ने बांग्ला और संस्कृत भाषा में की थी, जो उनके उपन्यास आनंद मठ में प्रकाशित हुई। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 1896 में कांग्रेस अधिवेशन में इसे रविन्द्रनाथ टैगोर द्वारा गाया गया था तथा वर्ष 1950 में इसके प्रथम दो पदों को राष्ट्रगीत के रूप में स्वीकृति मिली।
इस अवसर पर बहिन निष्ठा एवं बहिन दीक्षा वर्मा ने वन्दे मातरम् के भावार्थ और स्वतंत्रता संग्राम में इसकी भूमिका पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रगीत क्रांतिकारियों के लिए प्रेरणा और ऊर्जा का स्रोत रहा है।
कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों, आचार्य-दीदियों एवं अतिथियों द्वारा सामूहिक रूप से वन्दे मातरम् राष्ट्रगीत का गायन कर कार्यक्रम का समापन किया




