
बिलासपुर। जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच अरपा नदी का जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के कारण एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के मधुवन इलाके में नदी किनारे मौजूद दो बच्चे पानी में बहते नारियल को निकालने के प्रयास में तेज धारा की चपेट में आ गए। हादसे के बाद एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कई घंटे की तलाश के बाद एक बच्चे का शव बरामद कर लिया गया, जबकि दूसरे बच्चे की तलाश जारी है।
मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को कुछ बच्चे अरपा नदी के किनारे मौजूद थे। इसी दौरान उन्हें नदी की तेज धारा में एक नारियल बहता हुआ दिखाई दिया। नारियल को निकालने के लिए दो बच्चे नदी में उतर गए। नदी में पानी की गहराई और तेज बहाव होने के कारण दोनों बच्चे नियंत्रण नहीं रख सके और पानी में बह गए।
घटना की जानकारी मिलते ही नदी किनारे मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद सिटी कोतवाली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। बच्चों के परिजन भी घटनास्थल पर पहुंच गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया, जिसने नाव और गोताखोरों की मदद से नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
परिजनों के अनुसार लापता बच्चों में 16 वर्षीय इमवेज और 10 वर्षीय अयान शामिल हैं। दोनों नारियल निकालने के लिए नदी में उतरे थे। तेज बहाव के कारण दोनों गहरे पानी में चले गए।
कोतवाली थाना प्रभारी देवेश राठौर के अनुसार बारिश के कारण अरपा नदी में तेज बहाव है। नदी की स्थिति को देखते हुए लोगों से नदी और अन्य जलस्रोतों के किनारे जाने से बचने की अपील की जा रही है। उन्होंने विशेष रूप से अभिभावकों से बच्चों को नदी-नालों से दूर रखने की बात कही।
एक बच्चे का शव बरामद
एसडीआरएफ की टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद 10 वर्षीय अयान का शव नदी से बरामद कर लिया। वहीं दूसरे बच्चे इमवेज की तलाश अभी जारी है। आशंका है कि तेज पानी के बहाव के कारण वह बहकर आगे की ओर चला गया होगा। रेस्क्यू टीम नदी के आसपास संभावित स्थानों पर लगातार तलाश कर रही है।
हादसे के बाद बच्चों के परिजन और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग नदी किनारे मौजूद रहे। परिवार में घटना को लेकर मातम का माहौल है।
उफनती नदी के पास जाने से बचें
बारिश के मौसम में नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है और तेज बहाव का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। ऐसे में प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करना जरूरी है। विशेषकर बच्चों को नदी, नाले और अन्य जलभराव वाले खतरनाक स्थानों से दूर रखना चाहिए।
सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां—
उफनती नदी और नालों के पास जाने से बचें।
बच्चों को जलस्रोतों के आसपास अकेले न जाने दें।
खतरे के संकेत या चेतावनी बोर्ड वाले स्थानों पर न जाएं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
तेज बारिश के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें।
नदी का जलस्तर बढ़ने पर फोटो या वीडियो बनाने के लिए भी किनारे न जाएं।
स्थानीय प्रशासन द्वारा प्रतिबंधित किए गए क्षेत्रों में प्रवेश न करें।
संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जानी चाहिए।




