मनेन्द्रगढ़। NH-43 पर पुलिस की नाकेबंदी के दौरान नशे के अवैध कारोबार से जुड़ा बड़ा मामला सामने आया है। नागपुर चौकी और पोड़ी थाना पुलिस ने जांच के दौरान दो पिकअप वाहनों को पकड़ा, जिनमें भारी मात्रा में गांजा छिपाकर ले जाया जा रहा था। पुलिस ने दोनों वाहनों से कुल 919 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। जब्त मादक पदार्थ की कीमत करीब 4 करोड़ 59 लाख 50 हजार रुपए बताई गई है।
पुलिस कार्रवाई के बाद दोनों पिकअप वाहनों को भी जब्त कर लिया गया। गांजे और वाहनों सहित जब्ती की कुल कीमत लगभग 4 करोड़ 69 लाख रुपए आंकी गई है। मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
जांच के दौरान खुली तस्करी की कड़ी
पुलिस टीम NH-43 पर संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान दोनों पिकअप पुलिस के रडार पर आए। वाहनों को रोकने के बाद तलाशी ली गई तो उनके भीतर गांजा मिला। बरामदगी के बाद पुलिस ने वाहनों में मौजूद लोगों को हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू की।
गिरफ्तार लोगों में ओड़िशा के सुंदरगढ़ निवासी अनिल टोप्पो, राजित इंद्रवार, विनय टेटे और अरुप मिर्धा शामिल हैं। इसके अलावा मध्य प्रदेश के कटनी निवासी अलबिरनी और सुनीता को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
कहां से आई खेप, किस तक पहुंचनी थी?
पूछताछ में पुलिस को शुरुआती तौर पर पता चला कि गांजे की खेप ओड़िशा से मध्य प्रदेश ले जाई जा रही थी। अब जांच का फोकस इस बात पर है कि तस्करी का संचालन कौन कर रहा था और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग जुड़े हैं। पुलिस गांजे के स्रोत और उसके अंतिम खरीदार तक पहुंचने के लिए पूरे रूट की पड़ताल कर रही है।
NDPS एक्ट में केस दर्ज
मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया है। यह कार्रवाई सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक दीपक झा और MCB पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह के निर्देशन में हुई।
पुलिस टीम में नागपुर चौकी प्रभारी शेषनारायण सिंह और एएसआई रामकृपाल सिंह सहित अन्य जवान शामिल रहे। अधिकारियों का कहना है कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए जांच और कार्रवाई का अभियान आगे भी जारी रहेगा।



