
बिहार के बक्सर जिले के चौगाईं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार सुबह उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब इमरजेंसी वार्ड के पास स्थित शौचालय से नवजात शिशु के रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनते ही अस्पताल कर्मियों और मरीजों में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
शौचालय के भीतर एक नवजात शिशु बिलखता हुआ मिला, जिसकी सूचना तत्काल अस्पताल प्रशासन को दी गई। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मितेन्द्र कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और शिशु की जांच कराई। उन्होंने बताया कि नवजात बालक है और उसकी हालत फिलहाल स्थिर है।
चादर ओढ़कर आई महिला, बच्चा छोड़कर हुई फरार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुक्रवार सुबह सफाई के दौरान एक महिला एक युवती के साथ चादर से शरीर ढंककर अस्पताल आई थी। कुछ देर बाद शौचालय से बच्चे के रोने की आवाज आई। जब लोग वहां पहुंचे तो नवजात मिला, लेकिन बच्चे की मां मौके से फरार हो चुकी थी। काफी तलाश के बाद भी महिला का कोई सुराग नहीं मिला।
पुलिस और चाइल्ड लाइन को दी गई सूचना
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुरार थाना पुलिस और चाइल्ड लाइन को तुरंत सूचना दी गई। जिला मुख्यालय से चाइल्ड लाइन की टीम अस्पताल पहुंची। इस दौरान दर्जन भर लोगों ने नवजात को गोद लेने की इच्छा जताई, लेकिन कानूनी प्रक्रिया का हवाला देते हुए अस्पताल प्रशासन ने शिशु को सौंपने से इंकार कर दिया।
मानवता की मिसाल: प्रसूता ने पिलाया दूध
चिकित्सकों के आग्रह पर अस्पताल में भर्ती एक प्रसूता महिला ने मानवता का परिचय देते हुए नवजात को दूध पिलाया। इसके बाद सभी औपचारिकताएं पूरी कर शिशु को चाइल्ड लाइन की देखरेख में सौंप दिया गया।
सामाजिक दबाव की आशंका
अस्पताल कर्मियों का कहना है कि सामाजिक दबाव, भय या पारिवारिक कारणों से घबराकर मां ने नवजात को छोड़ने जैसा कदम उठाया हो सकता है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और महिला की पहचान व तलाश के प्रयास जारी हैं।



