
रायपुर/दुर्ग।
रायपुर के मठपुरैना में इडली-डोसा बेचने वाले तीन दोस्त असल में शातिर चोर निकले। दुर्ग जिले के ग्रामीण इलाकों में महीनों से हो रही चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। चोरी की ज्वेलरी खरीदने वाले राजनांदगांव के तीन सोनारों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी दिन में दुर्ग के ग्रामीण क्षेत्रों में रेकी करते थे और रात में सुनसान घरों के ताले तोड़कर ज्वेलरी व नकदी लेकर फरार हो जाते थे। वारदात के बाद वे रायपुर लौट आते और मठपुरैना इलाके में इडली-डोसा बेचने लगते थे, ताकि किसी को शक न हो।
दुर्ग के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पिछले कुछ महीनों से लगातार चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थलों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मोबाइल टावर डंप का विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पता चला कि आरोपी बाहर से आकर वारदात को अंजाम देते हैं। इसके बाद घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को दबोच लिया गया।
मुख्य आरोपी मनीष अमोरिया के खिलाफ राजनांदगांव में पहले से 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं दुर्ग जिले में इन आरोपियों के खिलाफ 8 चोरी के अपराध दर्ज किए गए हैं।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि चोरी की ज्वेलरी राजनांदगांव के तीन अलग-अलग खरीदारों को बेची जाती थी और रकम आपस में बांट ली जाती थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ज्वेलरी खरीदने वाले तीनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों से और भी वारदातों के संबंध में पूछताछ जारी है तथा मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।





