
रायपुर।
बैरनबाजार स्थित आशीर्वाद भवन में रविवार को एक प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब देशभर से आए 22 दिव्यांग जोड़ों ने सामूहिक विवाह समारोह में सात फेरे लेकर नई जिंदगी की शुरुआत की। कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद एवं सहयोगी संस्थाओं द्वारा किया गया।
समारोह में उत्तर प्रदेश के रायबरेली से आए 35 वर्षीय मोनू कुमार और भाटापारा की 27 वर्षीय शिक्षिका सरस्वती चक्रधारी ने भी सात वचन लेकर एक-दूसरे का हाथ थामा। दोनों पैर से दिव्यांग हैं। जब दिव्यांगता के कारण वे स्वयं सात फेरे लेने में असमर्थ रहे, तो संस्था के सदस्यों ने उन्हें गोद में उठाकर अग्नि के फेरे पूरे कराए।
यह भावुक क्षण देख समारोह में मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। पूरे आयोजन में सामाजिक समरसता, सहयोग और मानवीय संवेदनाओं की अनूठी मिसाल देखने को मिली।
कार्यक्रम में नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देने बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। आयोजन ने यह संदेश दिया कि सच्ची इच्छाशक्ति और सामाजिक सहयोग के साथ हर बाधा को पार किया जा सकता है।




