
दुर्ग (छत्तीसगढ़):
दुर्ग जिले में 5 साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के प्रयास के सनसनीखेज मामले में उतई थाना पुलिस ने आरोपी को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी धनेश्वर साहू उर्फ जनता (40) का जुलूस भी निकाला। इस दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए कहा कि “अपराध करना पाप है” और उसने गलती की है।
गिरफ्तारी के बाद जब आरोपी को मेडिकल जांच के लिए सुपेला अस्पताल लाया गया, तो उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे मिर्गी के दौरे पड़े और वह जमीन पर गिर गया। इस दौरान उसके मुंह से खून निकलने लगा। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को सूचना दी। इसके बाद उसे स्ट्रेचर पर लिटाकर भर्ती किया गया, जहां कुछ देर बाद उसकी हालत सामान्य हो गई।
ऐसे सामने आया मामला
शुक्रवार को बच्ची घर से अचानक लापता हो गई थी। परिजनों और ग्रामीणों ने आसपास के इलाकों में उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान कुएं के पास एक संदिग्ध बोरा मिला। जब उसे खोला गया तो उसमें बच्ची मिली, जिसका मुंह तकिए के कवर से बंधा हुआ था और वह डरी-सहमी हालत में थी। मेडिकल जांच में दुष्कर्म की पुष्टि हुई।
CCTV से मिला सुराग
पुलिस जांच में पता चला कि बच्ची स्कूल से लौटने के बाद चॉकलेट लेने दुकान गई थी। दुकान में लगे CCTV फुटेज में आरोपी उसे अपने साथ ले जाता हुआ दिखाई दिया। इसके आधार पर पुलिस ने पहचान कर आरोपी को हिरासत में लिया।
घर में दिया वारदात को अंजाम
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अपने घर में ही इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। इसके बाद वह बच्ची को मारने के इरादे से कुएं में फेंकने जा रहा था, लेकिन आसपास लोगों की गतिविधियां देखकर डर गया। फिर उसने बच्ची को बोरे में भरकर खंडहर के पास फेंक दिया और घर जाकर सो गया।
आरोपी की स्थिति और पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार आरोपी मजदूरी करता है और घटना के समय नशे में था। उसकी पत्नी पिछले एक साल से बच्चों के साथ मायके में रह रही है।
बच्ची की हालत
घटना के बाद बच्ची गहरे सदमे में है और किसी से बात नहीं कर पा रही है। हालांकि डॉक्टरों के अनुसार उसकी स्थिति फिलहाल सामान्य है और लगातार निगरानी रखी जा रही है।
कड़ी धाराओं में केस दर्ज
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 137(2), 65(2), 238, 109, 140(3) के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 के तहत मामला दर्ज किया है। इन धाराओं में कड़ी सजा का प्रावधान है।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं और परिजनों के लगातार संपर्क में हैं।




