बलरामपुर। CGCrime News: एक किशोरी की मौत के मामले में पुलिस जांच के दौरान सोशल मीडिया पर हुई बातचीत अहम कड़ी बनकर सामने आई है। मर्ग जांच में मिले डिजिटल साक्ष्यों और परिजनों व परिचितों के बयानों के आधार पर पुलिस ने एक युवक के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। पुलिस अब इस मामले से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की बारीकी से जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान किशोरी के इंस्टाग्राम अकाउंट से हुई बातचीत की जानकारी सामने आई। इसी आधार पर पुलिस ने उसके संपर्क में रहे युवक के बारे में पड़ताल शुरू की। जांच में दोनों के बीच लंबे समय से बातचीत होने की बात सामने आई। पुलिस का आरोप है कि बाद के समय में युवक ने किशोरी से दूरी बनानी शुरू कर दी थी। उसके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार और धमकी देने की जानकारी भी जांच में सामने आई है।
मामला 8 अगस्त का है। दहेजवार इलाके में एक किराए के मकान में किशोरी की मौत हुई थी। उस समय उसके माता-पिता घर पर मौजूद नहीं थे। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने के बाद पड़ोसियों को शक हुआ और परिवार को इसकी जानकारी दी गई। परिजन पहुंचे तो किशोरी को कमरे के अंदर फंदे पर पाया गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मर्ग कायम किया और मौत के कारणों की पड़ताल शुरू की।
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने केवल घटनास्थल तक सीमित न रहकर किशोरी के मोबाइल और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच की। परिवार के सदस्यों, बहन, सहेली और अन्य परिचितों से पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर हुई बातचीत में किशोरी ने अपनी व्यक्तिगत परेशानी का जिक्र किया था। इन संदेशों को जांच में शामिल कर पुलिस ने घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया।
पुलिस का कहना है कि उपलब्ध चैट, बयानों और अन्य तथ्यों के आधार पर युवक की भूमिका की जांच की गई। इसके बाद उसके खिलाफ धारा 107 बीएनएस के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का अपराध दर्ज किया गया है।
फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित कर उनकी जांच कर रही है। साथ ही गवाहों के बयान और अन्य परिस्थितियों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




