
तिल्दा-नेवरा।
रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा विकासखंड के औद्योगिक क्षेत्र स्थित अल्ट्राटेक बैकुंठ सीमेंट में श्रावण मास के अंतिम सोमवार के अवसर पर प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी श्रीहनुमान मंदिर परिसर में श्री शिव रुद्राभिषेक एवं हवन-पूजन का आयोजन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ किया गया। धार्मिक आयोजन के बाद भोग भंडारे का भी आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुए श्री शिव रुद्राभिषेक में पं. केशरी लाल तिवारी एवं पं. मनोज तिवारी ने विधिवत पूजन संपन्न कराया। इस दौरान यूनिट हेड श्री कुलकर्णी सपत्नीक पूजा में शामिल हुए।
कार्यक्रम में एफएच श्री राजीव सिंघल, श्री सुनंदा बाशु, श्री ए.के. सिन्हा, विवेक बघेल, अशोक मिश्रा एवं अभिषेक तेवतिया सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
बारिश के बीच भी उमड़ा आस्था का सैलाब
पूजन के दौरान रिमझिम बारिश के बावजूद अल्ट्राटेक बैकुंठ के अधिकारी-कर्मचारी, कॉलोनीवासी और आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मंदिर परिसर पहुंचे। श्रद्धालुओं का दिनभर मंदिर में आना-जाना लगा रहा। भक्तों ने भगवान शिव के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और धार्मिक आयोजन में भाग लिया।
मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ और भक्तिमय वातावरण देखते ही बन रहा था। बारिश के बावजूद लोगों की आस्था में कोई कमी नजर नहीं आई।
हवन-पूजन के बाद हुआ भोग भंडारा
श्री शिव रुद्राभिषेक एवं हवन-पूजन के पश्चात श्री बैकुंठेश्वर मंदिर समिति एवं शिवभक्तों के सौजन्य से भोग भंडारे का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण किया।
भंडारे में लोगों की भारी भीड़ रही, जिसके चलते कई श्रद्धालुओं को अपनी बारी के लिए कुछ समय इंतजार भी करना पड़ा। आयोजन स्थल पर पूरे दिन धार्मिक और भक्तिमय वातावरण बना रहा।
आयोजन को सफल बनाने में इनका रहा सहयोग
कार्यक्रम को सफल बनाने में अशोक मिश्रा, गिरिराज शंकर मिश्रा, राजेन्द्र कुमार साहू, गुरुदयाल साहू एवं पं. कैलाश तिवारी सहित अन्य लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
वहीं भोग भंडारे के वितरण में कामेश्वर प्रसाद, ईश्वर प्रसाद, ईश्वरराव, उत्तम सिंह, रामकुमार ध्रुव सहित अनेक लोगों ने प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग दिया।
श्री शिव रुद्राभिषेक, हवन-पूजन और भोग भंडारे के आयोजन से अल्ट्राटेक बैकुंठ परिसर दिनभर भक्तिमय रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन और प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।




