
तिल्दा/रायपुर। सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। तिल्दा क्षेत्र के एक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में गणित, रसायन विज्ञान, संस्कृत, राजनीति विज्ञान और वाणिज्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई है। विद्यालय में करीब 245 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, ऐसे में विषयवार शिक्षकों की कमी से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की चिंता बढ़ गई है।
बताया गया है कि विद्यालय प्रबंधन की ओर से संबंधित विभाग एवं अधिकारियों को पत्र भेजकर इन विषयों के लिए तत्काल शिक्षकों की व्यवस्था करने की मांग की गई है। पत्र में शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की बात कही गई है।
पांच महत्वपूर्ण विषयों में शिक्षक नहीं

विद्यालय में जिन विषयों के शिक्षकों की कमी बताई गई है, उनमें गणित, रसायन विज्ञान, संस्कृत, राजनीति विज्ञान और वाणिज्य शामिल हैं। इनमें से गणित और रसायन विज्ञान जैसे विषय विद्यार्थियों की आगे की उच्च शिक्षा और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। वहीं राजनीति विज्ञान, वाणिज्य और संस्कृत भी उच्च शिक्षा में विद्यार्थियों के लिए अहम विषय हैं।
शिक्षकों की अनुपलब्धता के बीच विद्यार्थियों की नियमित कक्षाएं और पाठ्यक्रम किस तरह पूरा होगा, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं। खासकर परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है।
सरकारी स्कूलों में गुणवत्ता पर सवाल

सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर योजनाएं और अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके बावजूद यदि विषयवार शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं तो इन योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों तक किस तरह पहुंचेगा, यह बड़ा सवाल है।
शिक्षकों की कमी का सबसे अधिक असर उन विद्यार्थियों पर पड़ सकता है, जिनके परिवार निजी स्कूल या महंगी कोचिंग का खर्च वहन करने की स्थिति में नहीं हैं। ऐसे में सरकारी स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराना शिक्षा व्यवस्था की बुनियादी जरूरत माना जा रहा है।
पालकों में बढ़ी चिंता
विद्यालय में शिक्षकों की कमी को लेकर पालकों में भी चिंता और नाराजगी की स्थिति बताई जा रही है। पालकों का कहना है कि बच्चे नियमित रूप से स्कूल पहुंच रहे हैं, लेकिन यदि महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक ही उपलब्ध नहीं होंगे तो विद्यार्थियों की पढ़ाई और परीक्षा परिणाम प्रभावित हो सकते हैं।
पालकों ने मांग की है कि शिक्षा विभाग मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द विषयवार शिक्षकों की व्यवस्था करे। यदि नियमित नियुक्ति में समय लगता है तो फिलहाल अतिथि शिक्षक या वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से पढ़ाई शुरू कराई जाए।
जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
पालकों की ओर से यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि शिक्षकों की कमी का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो विद्यार्थियों और पालकों के हित में आंदोलन किया जा सकता है।

अब निगाहें शिक्षा विभाग पर हैं कि संबंधित विद्यालय में पांचों महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों की कमी कब तक दूर की जाती है। 245 विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की स्थिति को देखते हुए पालक तत्काल समाधान की मांग कर रहे हैं।




