26 जनवरी की सुबह करें ये जरूरी काम, जानिए क्यों है गणतंत्र दिवस का हर पल खास
सम्मान और जिम्मेदारी के साथ करना हर भारतीय का कर्तव्य बन जाता है।
INDIA | NATIONAL NEWS: 26 जनवरी सिर्फ एक राष्ट्रीय अवकाश नहीं, बल्कि वह ऐतिहासिक दिन है जब भारत ने 1950 में अपना संविधान अपनाकर खुद को एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया। ऐसे में इस दिन की शुरुआत सही सोच, सम्मान और जिम्मेदारी के साथ करना हर भारतीय का कर्तव्य बन जाता है।
🇮🇳 दिन की शुरुआत राष्ट्र सम्मान से करें
26 जनवरी की सुबह जल्दी उठकर स्नान-ध्यान के बाद घर की सफाई करें और अपने घर, छत या बालकनी में तिरंगा सम्मानपूर्वक फहराएं। ध्यान रखें कि राष्ट्रीय ध्वज जमीन को न छुए, फटा या उल्टा न हो। तिरंगा हमें स्वतंत्रता, बलिदान और एकता की याद दिलाता है।
📺 गणतंत्र दिवस परेड क्यों देखनी चाहिए?
दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाली भव्य गणतंत्र दिवस परेड देश की सैन्य ताकत, सांस्कृतिक विविधता और तकनीकी उपलब्धियों का प्रतीक होती है। परेड देखकर बच्चों और युवाओं में देशभक्ति की भावना मजबूत होती है और उन्हें भारत की विरासत से जुड़ने का मौका मिलता है।
📜 संविधान और लोकतंत्र का महत्व समझें
आज के दिन संविधान निर्माता बाबासाहब डॉ. भीमराव अंबेडकर, स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को याद करना बेहद जरूरी है। बच्चों को संविधान के मूल अधिकार और कर्तव्यों के बारे में बताएं, ताकि वे जिम्मेदार नागरिक बन सकें।
🎖️ वीरों को नमन करना है जरूरी
26 जनवरी को देश के बहादुर सैनिकों, पुलिस और सुरक्षा बलों को वीरता पुरस्कार दिए जाते हैं। यह दिन उन जांबाजों को सलाम करने का है जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
🤝 सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी निभाएं
गणतंत्र दिवस के दिन स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, आपसी भाईचारे और राष्ट्रीय एकता का संकल्प लें। सोशल मीडिया पर राष्ट्र विरोधी, भ्रामक या अपमानजनक सामग्री साझा करने से बचें और सकारात्मक संदेश फैलाएं।
👨👩👧👦 बच्चों को देश से जोड़ें
बच्चों को तिरंगे का महत्व, राष्ट्रगान और गणतंत्र दिवस का इतिहास बताएं। स्कूलों और घरों में छोटे-छोटे सांस्कृतिक कार्यक्रम, भाषण और देशभक्ति गीत बच्चों में आत्मविश्वास और देशप्रेम बढ़ाते हैं।
क्यों है 26 जनवरी हर भारतीय के लिए खास?
26 जनवरी 1950 को भारत में संविधान लागू हुआ, जिससे देश को कानून, अधिकार और समानता की मजबूत नींव मिली। यह दिन हमें याद दिलाता है कि आज़ादी के साथ जिम्मेदारी भी आती है।




