छिंदवाड़ा MP NEWS: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा ब्लॉक से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। लखनवाड़ा माध्यमिक स्कूल में पदस्थ एक शिक्षक कथित रूप से शराब के नशे में स्कूल पहुंच गए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना के सामने आने के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और जल्द अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात कही है।
जानकारी के अनुसार घटना बुधवार की बताई जा रही है। उस दिन विद्यालय में सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शिक्षक की हालत सामान्य नहीं थी। वे नशे में प्रतीत हो रहे थे और उनकी वेशभूषा भी अस्त-व्यस्त थी। बच्चों ने जब उन्हें इस स्थिति में देखा तो वे सहम गए। कुछ छात्रों ने आपस में चर्चा भी की कि “सर ठीक नहीं लग रहे।” इसी दौरान किसी ने घटना का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वायरल वीडियो में शिक्षक लड़खड़ाते हुए नजर आ रहे हैं और उनकी गतिविधियां असामान्य दिख रही हैं। वीडियो में कुछ छात्र भी घटना के बारे में बात करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया और गांव में चर्चा का विषय बन गया।
घटना की जानकारी मिलते ही कई अभिभावक स्कूल परिसर पहुंच गए। उन्होंने अमरवाड़ा के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) अनुराग मिश्रा से शिकायत दर्ज कराते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल बच्चों के भविष्य का निर्माण करने का स्थान होता है, ऐसे में यदि शिक्षक ही इस तरह की हरकत करें तो यह अत्यंत गंभीर मामला है।
शिकायत मिलते ही शिक्षा विभाग हरकत में आया। बीईओ अनुराग मिश्रा के निर्देश पर प्रभारी प्राचार्य अंतलाल नवरेती और जनशिक्षक गुरुप्रसाद वर्मा को जांच के लिए विद्यालय भेजा गया। जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनाक्रम की जानकारी ली, कर्मचारियों और विद्यार्थियों से चर्चा की तथा पंचनामा तैयार किया। प्रारंभिक जांच के बाद पूरी रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी गई है।
बीईओ अनुराग मिश्रा ने बताया कि उन्हें शिक्षक द्वारा शराब सेवन कर विद्यालय आने की शिकायत प्राप्त हुई थी। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षा विभाग ऐसे मामलों को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा और दोषी पाए जाने पर संबंधित शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली बार नहीं है जब सरकारी स्कूलों में लापरवाही की शिकायतें सामने आई हों, लेकिन इस तरह खुलेआम नशे की हालत में स्कूल पहुंचना बेहद गंभीर और चिंताजनक है। अभिभावकों ने मांग की है कि आरोपी शिक्षक को तत्काल निलंबित किया जाए ताकि बच्चों के मन में स्कूल और शिक्षा व्यवस्था के प्रति गलत संदेश न जाए।
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी स्कूलों में अनुशासन, निगरानी और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षकों की भूमिका केवल पढ़ाने तक सीमित नहीं होती, बल्कि वे छात्रों के लिए आदर्श भी होते हैं। ऐसे में यदि शिक्षक स्वयं अनुशासनहीनता दिखाएं तो इसका सीधा असर बच्चों के मानसिक विकास पर पड़ता है।
फिलहाल शिक्षा विभाग की ओर से अंतिम निर्णय का इंतजार किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा कि संबंधित शिक्षक पर क्या कार्रवाई की जाती है। वहीं, अभिभावकों और ग्रामीणों ने साफ कहा है कि यदि कार्रवाई में ढिलाई बरती गई तो वे बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
यह घटना न केवल छिंदवाड़ा जिले बल्कि पूरे प्रदेश के लिए चेतावनी है कि शिक्षा संस्थानों में अनुशासन और नैतिकता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। बच्चों के भविष्य से जुड़े मामलों में सख्ती और पारदर्शिता दोनों जरूरी हैं। अब सबकी नजर शिक्षा विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी है।




