True Love Story: प्यार की ऐसी कहानी: 6000 किलोमीटर साइकिल चलाकर भारत से यूरोप पहुँचा एक कलाकार… सच्चे इश्क़ की मिसाल!
एयर टिकट के पैसे नहीं थे, तो बेच दिया सामान… 4 महीने पैडल मारकर यूरोप पहुंचे कलाकार
नई दिल्ली / भुवनेश्वर: True Love Story: प्यार की ताकत कितनी बड़ी हो सकती है? इसका जीवंत उदाहरण बने हैं प्रद्युम्न कुमार “पीके” महानंदिया — एक ऐसे कलाकार जिन्होंने अपनी प्रेमिका से मिलने के लिए लगभग 6000 किलोमीटर लंबा सफर साइकिल से तय किया और भारत से यूरोप (स्वीडन) पहुँचे।
प्यार की शुरुआत — एक अनोखी मुलाक़ात
यह दिल छू लेने वाली कहानी 1975 की है, जब स्वीडन की शार्लोट वॉन शेडविन पहली बार भारत आईं और दिल्ली में पीके महानंदिया से अपनी पेंटिंग बनवाने के लिए मिले।
शार्लोट उनकी सादगी और कला से इतनी प्रभावित हुईं कि दोनों के बीच गहरा प्यार हो गया। समय बीतने के साथ दोनों ने शादी भी कर ली। 
6000 किलोमीटर का अद्वितीय साइकिल सफर
जब शार्लोट स्वीडन वापस लौट गईं, तो महानंदिया के पास एयर टिकट खरीदने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे। 
उन्हें एक साहसिक निर्णय लेना पड़ा — उन्होंने अपने सारे सामान बेच दिए और एक साइकिल खरीदी। उसके बाद, 22 जनवरी 1977 को उन्होंने भारत से स्वीडन तक का सफर शुरू किया, प्रतिदिन लगभग 70 किलोमीटर साइकिल चलाते हुए, लगभग 6000 किलोमीटर की दूरी पैडल की।
उन्होंने यह लंबा सफर पाकिस्तान, अफगानिस्तान, ईरान, तुर्की जैसे देशों और कई अनजान इलाकों से होकर तय किया — हर रोज़ कठिन रास्तों, मौसम और मुश्किलों का सामना करते हुए। 
भोजन, आश्रय और पैसे के लिए भी उन्होंने यात्रा के दौरान अपने पोर्ट्रेट बनाकर मदद ली। 
❤️ प्यार, मुक़ाबला और जीत
लगभग चार महीनों के कठिन सफर के बाद महानंदिया यूरोप पहुँचे और अंततः गॉथेनबर्ग, स्वीडन में शार्लोट से मिल पाए। 
उनकी यह अद्भुत यात्रा साबित करती है कि सच्चा प्यार दूरी, कठिनाइयों और असंभव लगने वाली राहों को भी पार कर सकता है। 
आज का जीवन
आज प्रद्युम्न कुमार महानंदिया और शार्लोट वॉन शेडविन स्वीडन में सुखी जीवन व्यतीत कर रहे हैं। उन्होंने शादी के बाद कई साल साथ बिताए और प्यार की इस कहानी ने दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रेरित किया।



