देशरायपुर

सीमेंट कर्मचारियों की मांगों पर INTUC सख्त, समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी

ठेका श्रमिकों के स्थायीकरण, समान वेतन और रिटायरमेंट आयु 60 वर्ष करने की मांग पर जोर : देवराज सिंह

  1. हैदराबाद/तेलंगाना, 9 अक्टूबर 2026। देशभर के सीमेंट उद्योग में कार्यरत कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों की लंबित मांगों को लेकर इंडियन नेशनल सीमेंट वर्कर्स फेडरेशन (INCWF-INTUC) ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। संगठन की राष्ट्रीय कार्यसमिति की महत्वपूर्ण बैठक 7 अक्टूबर को हैदराबाद के नारायणगुडा स्थित कांग्रेस हाउस में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जी. संजीव रेड्डी ने की, जबकि महासचिव देवराज सिंह के नेतृत्व में देशभर से आए श्रमिक प्रतिनिधियों ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।

बैठक के बाद राष्ट्रीय महासचिव देवराज सिंह ने सीमेंट कर्मचारियों से जुड़े प्रमुख विषयों और संगठन की आगामी रणनीति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नए वेतन पुनरीक्षण को लेकर प्रबंधन और ट्रेड यूनियनों के बीच चार्टर ऑफ डिमांड्स पर बातचीत की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसकी पहली बैठक भी हो चुकी है।

ठेका श्रमिकों को लेकर संगठन का स्पष्ट रुख

बैठक में ठेका श्रमिकों की स्थिति को प्रमुखता से उठाया गया। संगठन का कहना है कि सीमेंट उद्योग में लंबे समय से काम कर रहे कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स को उनके कार्य के अनुरूप अधिकार और सुविधाएं मिलनी चाहिए।

फेडरेशन की प्रमुख मांगों में ठेका श्रमिकों के स्थायीकरण के साथ नियमित कर्मचारियों के समान काम के लिए समान वेतन देने का मुद्दा शामिल है। देवराज सिंह ने स्पष्ट किया कि ठेका मजदूरों के हितों की अनदेखी करते हुए किसी अंतिम समझौते की दिशा में आगे बढ़ना संगठन के लिए स्वीकार्य नहीं होगा।

58 से 60 वर्ष हो सेवानिवृत्ति आयु

सीमेंट कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों में सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने का मुद्दा भी बैठक में सामने आया। वर्तमान में निर्धारित 58 वर्ष की सेवानिवृत्ति आयु को बढ़ाकर 60 वर्ष करने का प्रस्ताव रखा गया है। संगठन का मानना है कि अनुभवी कर्मचारियों की सेवाओं का लाभ उद्योग को अधिक समय तक मिलना चाहिए।

वेतन वृद्धि और पेंशन सुधार पर जोर

वेतन पुनरीक्षण के साथ कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई। सभी श्रेणी के कर्मचारियों के वेतन में उचित वृद्धि तथा पेंशन व्यवस्था में सुधार की मांग संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल है।

बैठक में कर्मचारियों की संख्या में कमी और लगातार हो रही सेवानिवृत्तियों के कारण मौजूदा कर्मचारियों पर बढ़ रहे अतिरिक्त कार्यभार को भी गंभीरता से लिया गया। संगठन ने कार्यभार के अनुरूप कर्मचारियों को उचित लाभ एवं सुविधाएं देने की आवश्यकता बताई।

ऑटोमेशन के दौर में नए पदों की जरूरत

सीमेंट उद्योग में तेजी से बढ़ते ऑटोमेशन और आईटी आधारित कार्यप्रणाली को देखते हुए नए पदों और जिम्मेदारियों के निर्धारण के लिए नॉमेनक्लेचर कमेटी गठित करने का सुझाव भी रखा गया। संगठन का मानना है कि तकनीकी बदलावों के अनुरूप कर्मचारियों के पद और कार्यदायित्व स्पष्ट किए जाने चाहिए।

CMA से साल में दो बार संवाद की मांग

चार वर्ष की वेतन समझौता अवधि के दौरान उत्पन्न होने वाली समस्याओं के समाधान के लिए सीमेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (CMA) और श्रमिक संगठनों के बीच नियमित संवाद की व्यवस्था बनाने पर भी जोर दिया गया। फेडरेशन ने सुझाव दिया कि यूनियन प्रतिनिधियों के साथ कम से कम वर्ष में दो बार बैठक हो, ताकि समस्याओं का समय रहते समाधान किया जा सके।

मांगों पर ठोस फैसला नहीं तो आंदोलन

राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जी. संजीव रेड्डी और महासचिव देवराज सिंह ने संगठन के रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि ठेका श्रमिकों के मुद्दे पर ठोस समाधान के बिना अंतिम समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि श्रमिकों की प्रमुख मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होगा।

26 अक्टूबर को CMA के साथ प्रस्तावित बैठक

सीमेंट उद्योग से जुड़े इन मुद्दों पर आगामी 26 अक्टूबर को दिल्ली में CMA के साथ महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। इसके अलावा दिसंबर में नई दिल्ली स्थित तालकटोरा स्टेडियम में INTUC का तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित किया जाना है। इसमें देशभर से बड़ी संख्या में श्रमिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।

फेडरेशन ने संकेत दिया है कि आगामी बैठकों में वेतन पुनरीक्षण, ठेका श्रमिकों के अधिकार, पेंशन, सेवानिवृत्ति आयु और कार्यभार जैसे मुद्दों पर संगठन अपना पक्ष मजबूती से रखेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!