4 दिन पहले नाना पाटेकर ने कही थी दिल छू लेने वाली बात, आखिरी वीडियो में ड्रम बजाते आए नजर
आखिरी वीडियो में कलाकारों के साथ दिखे नाना
गोवा। Nana Patekar Last Video: हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया। 8 अक्टूबर 2026 की सुबह गोवा स्थित उनके आवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से फिल्म जगत के साथ-साथ उनके लाखों प्रशंसकों में शोक की लहर है।
नाना पाटेकर की जिंदगी का आखिरी सार्वजनिक कार्यक्रम भी अब चर्चा में है। निधन से महज चार दिन पहले, 4 अक्टूबर को वह गोवा पर्यटन दिवस के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस दौरान वह बेहद सहज और खुश नजर आए। उन्होंने स्थानीय कलाकारों के साथ समय बिताया, पारंपरिक संगीत का आनंद लिया और खुद वाद्ययंत्र बजाते हुए भी दिखाई दिए।
आखिरी वीडियो में कलाकारों के साथ दिखे नाना
गोवा पर्यटन दिवस के कार्यक्रम में नाना पाटेकर ने स्थानीय कलाकारों के साथ पारंपरिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। सामने आए वीडियो और तस्वीरों में वह ‘शमेल’ नामक पारंपरिक वाद्ययंत्र बजाते नजर आए। इसके साथ ही उन्होंने गोवा के लोक नृत्य ‘देखनी’ में भी हिस्सा लिया।
इस दौरान उनका अंदाज बिल्कुल सहज था। वह कलाकारों के साथ घुले-मिले नजर आए और मंच पर अपने पुराने थिएटर के दिनों को भी याद किया।
बोले- पता नहीं कल रहूंगा या नहीं
कार्यक्रम में नाना पाटेकर ने जिंदगी को लेकर ऐसी बात कही, जो अब उनके निधन के बाद लोगों को भावुक कर रही है। उन्होंने इंसान की जिंदगी और अधूरी इच्छाओं का जिक्र करते हुए कहा था कि किसी को नहीं पता कि वह अगले दिन इस दुनिया में रहेगा या नहीं।
उन्होंने अपने थिएटर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि किस तरह मंच और नाटक प्रतियोगिताओं ने उनके अभिनय सफर को दिशा दी। उन्होंने यह भी कहा कि अब वह थिएटर से जुड़े रहना चाहते हैं।
नाना की यह बात अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। उनके प्रशंसक आखिरी सार्वजनिक कार्यक्रम के वीडियो देखकर भावुक हो रहे हैं।
अचानक बिगड़ी तबीयत, अस्पताल ले जाने के बावजूद नहीं बच सके
जानकारी के मुताबिक, 8 अक्टूबर की तड़के गोवा के डोना पाउला स्थित आवास पर नाना पाटेकर की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें बेहोशी की हालत में पाया गया, जिसके बाद तत्काल अस्पताल ले जाया गया।
डॉक्टरों की टीम ने उन्हें बचाने के लिए करीब 45 मिनट तक सीपीआर दिया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। सुबह करीब 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
बताया गया कि उनके एक दोस्त को रात करीब 3:30 बजे नाना का मैसेज मिला था, जिसमें उन्होंने तबीयत ठीक नहीं होने की बात कही थी। दोस्त ने मैसेज देखने के बाद उनके घर पहुंचकर मदद की व्यवस्था की।
नाना पाटेकर के निधन की सटीक वजह जानने के लिए शव को पोस्टमॉर्टम के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भेजा गया है। मामले में मेडिको-लीगल प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
फिल्मों में छोड़ी ऐसी छाप, जिसे भुलाना मुश्किल
नाना पाटेकर ने हिंदी और मराठी सिनेमा में कई यादगार किरदार निभाए। उनकी दमदार आवाज, संवाद बोलने का अलग अंदाज और अभिनय की गहराई ने उन्हें बाकी कलाकारों से अलग पहचान दिलाई।
‘परिंदा’, ‘प्रहार’, ‘तिरंगा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘खामोशी’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उनके किरदार आज भी दर्शकों के बीच लोकप्रिय हैं। अभिनय के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, फिल्मफेयर पुरस्कार और महाराष्ट्र राज्य फिल्म पुरस्कार समेत कई सम्मान मिले। उन्हें भारत सरकार ने पद्म श्री से भी सम्मानित किया था।
नाना पाटेकर का जाना भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति है। उनकी आवाज, अभिनय और पर्दे पर निभाए गए किरदार लंबे समय तक दर्शकों की यादों में जीवित रहेंगे।

