एफआईआर के बाद भी नाबालिग लापता, पीड़ित परिवार ने एसपी कार्यालय पहुंचकर लगाई न्याय की गुहार

जांजगीर-चांपा।
जिले के मुलमुला थाना क्षेत्र में नाबालिग की गुमशुदगी का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। पीड़ित परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अब तक नाबालिग का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
परिजनों के अनुसार 8 मई 2026 को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। उनका कहना है कि घटना के कुछ दिनों बाद ही लोकेशन ट्रेस हो गई थी, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं की गई। इससे नाबालिग की तलाश में देरी हुई और जांच प्रभावित हुई।
परिवार ने मामले के विवेचक पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि कार्रवाई के लिए किराये की गाड़ी की व्यवस्था करने का दबाव बनाया गया। परिजनों ने बताया कि उन्होंने दो बार वाहन उपलब्ध कराया, फिर भी मौके पर पहुंचने और जांच आगे बढ़ाने में देरी होती रही।
लगातार गुहार लगाने के बाद भी कार्रवाई में तेजी नहीं आने से परिजन परेशान हैं। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।
इस मामले ने एक बार फिर पुलिस की संवेदनशीलता और कार्यशैली को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर प्रशासन और पुलिस विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।




