
तिल्दा नेवरा/सिलयारी।
चौकी सिलयारी क्षेत्र में दर्ज नाबालिग बालिका से दुष्कर्म मामले में पुलिस जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। मामले में पहले ही दो दुष्कर्म आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब जांच में सामने आया है कि पीड़िता के दादा ने ही मामले को दबाने का प्रयास किया था। इस मामले में पुलिस ने पीड़िता के दादा सहित दो बिचौलियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ईश्वर घृतलहरे के परिजनों से दुष्कर्म की घटना को छिपाने के एवज में 1 लाख 30 हजार रुपये नगद लिए गए थे। इस लेन-देन का वीडियो भी पुलिस को मिला है। आरोप है कि पीड़िता के दादा ने दूसरे आरोपी को फोन कर धमकी भी दी थी।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि शुरुआत में पीड़िता के दादा ने अपनी नातिन के साथ किसी प्रकार की घटना होने से इनकार किया था। बाद में शासन से मिलने वाली सहायता राशि की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने मामले की पुनः जांच के लिए आवेदन दिया।
पुलिस ने मामले में पीड़िता के दादा चंद्रशेखर यदु, सीताराम मेडिकल स्टोर संचालक तथा टुकेन्द्र वर्मा को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
इधर, मामले की जांच में लापरवाही बरतने पर रायपुर ग्रामीण एसपी श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने सिलयारी चौकी प्रभारी उप निरीक्षक जितेंद्र दुबे को निलंबित कर दिया है। निलंबन के बाद उन्हें पुलिस अधीक्षक कार्यालय रायपुर (ग्रामीण) संबद्ध किया गया है। मामले की प्रारंभिक जांच कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
एसपी द्वारा सुशील वर्मा को सिलयारी चौकी का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है।




