बालाघाट में नक्सल मोर्चे पर बड़ी जीत — ₹14 लाख इनामी महिला नक्सली ने किया सरेंडर !

बालाघाट
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले से आई बड़ी खबर ने सुरक्षा एजेंसियों को राहत की सांस दी है। प्रतिबंधित संगठन कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) की सक्रिय सदस्य और ₹14 लाख इनामी महिला नक्सली सुनीता ने हॉक फोर्स के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है।
कौन है सुनीता?
सुनीता एनएमसी जोन के प्रभारी रामदेर की सशस्त्र गार्ड के रूप में काम कर रही थी। वह छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश – तीनों राज्यों की पुलिस के रडार पर थी और संयुक्त रूप से ₹14 लाख की मोस्ट वॉन्टेड नक्सली घोषित थी।
कैसे हुआ सरेंडर?
1 नवंबर को सुनीता ने हॉक फोर्स के सहायक कमांडर रूपेंद्र धुर्वे के सामने आत्मसमर्पण किया। वह अपने साथ INSAS राइफल लेकर चलती थी और वर्ष 2022 से इस हिंसक आंदोलन से जुड़ी हुई थी।
सरकार का बयान
सरकार ने कहा है –
“सुनीता का आत्मसमर्पण माओवादी नेटवर्क पर बड़ा झटका है।
यह दिखाता है कि अब नक्सलवाद की पकड़ ढीली पड़ रही है।
जो लोग हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उन्हें न केवल सुरक्षा बल्कि पुनर्वास का मौका भी दिया जाएगा।”
अब गोली नहीं, विकास की होगी बात!
बालाघाट में यह सरेंडर नक्सल विरोधी अभियान के लिए एक अहम सफलता माना जा रहा है।




