
दुर्ग। मोहन नगर पुलिस ने एक ऐसे ठग को गिरफ्तार किया है, जो शादी के नाम पर महिलाओं की भावनाओं से खेलकर उनकी मेहनत की कमाई हड़पता था। आरोपी का नाम बीरेन्द्र कुमार सोलंकी, उम्र 54 वर्ष है। यह शख्स तीन शादियां पहले ही कर चुका था, लेकिन खुद को अविवाहित बताकर अखबारों में विज्ञापन देता था और नई महिलाओं को फँसाता था। पुलिस के अनुसार, यह आरोपी पिछले कई सालों से “फर्जी शादी” के नाम पर ठगी का एक संगठित तरीका अपनाकर सक्रिय था।
इस पूरे मामले में पीड़िता की शिकायत के बाद मोहन नगर पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू की। पीड़िता के अनुसार, बीरेन्द्र ने खुद को अविवाहित और समझदार, जिम्मेदार इंसान बताकर दोस्ती बढ़ाई। धीरे-धीरे विश्वास जीतते हुए उसने शादी का प्रस्ताव रखा। विश्वास बन जाने के बाद उसने अपनी आर्थिक स्थिति कमजोर दिखाते हुए कभी मेडिकल खर्च, कभी अचानक जरूरी भुगतान और कभी पारिवारिक परेशानी का बहाना बनाकर पैसे लेना शुरू किया।
पीड़िता ने बताया कि 2021 से 2024 के बीच उसने आरोपी को कई बार आर्थिक मदद दी। Google Pay, बैंक ट्रांजेक्शन और नकद—इन सभी तरीकों से आरोपी ने करीब 32 लाख रुपये हड़प लिए। इतना ही नहीं, उसने पीड़िता को भरोसे में लेकर उससे गहने गिरवी रखवाकर गोल्ड लोन भी ले लिया। इन लोन की EMI आज भी पीड़िता चुका रही है। आरोपी ने ऐसा भावनात्मक दबाव बनाया कि पीड़िता को लगा वह किसी सच्चे रिश्ते में निवेश कर रही है, लेकिन धीरे-धीरे उसकी हकीकत सामने आने लगी।
पीड़िता को शक तब हुआ जब वह बार-बार शादी की तारीख पूछती और आरोपी इसे टाल देता। कभी कहता—घरवालों को मनाना है, कभी कहता—कुछ जरूरी काम है। इसी दौरान पीड़िता ने आरोपी के कुछ पुराने दस्तावेज और सोशल मीडिया प्रोफाइल देखे, जिनसे पता चला कि उसने पहले भी शादियां की हैं। जांच में सामने आया कि वह तीन शादियां कर चुका था, लेकिन फिर भी अखबारों में खुद को “अविवाहित” बताकर विज्ञापन प्रकाशित करता था ताकि नई महिलाओं को फँसा सके।
2024 में आरोपी दुर्ग आया और पीड़िता के घर में रखे 12 लाख रुपये मौका पाकर चुरा लिए और फरार हो गया। इस घटना के बाद पीड़िता ने हिम्मत कर पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने आरोपी का मोबाइल नंबर, बैंक ट्रांजेक्शन और लोकेशन हिस्ट्री खंगालते हुए जांच शुरू की। आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा ताकि पुलिस उसे पकड़ न सके। उसने गुजरात, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के कई शहरों में अपनी लोकेशन बदली।
मोहन नगर पुलिस की टीम ने साइबर सेल की मदद से उसकी लोकेशन को ट्रैक किया और आखिरकार उसे गुजरात के भुज से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी बेहद चालाकी से फोन बदलता था, नकली पते का इस्तेमाल करता था और ट्रांजेक्शन हिस्ट्री छुपाने की कोशिश करता था। लेकिन पुलिस की तकनीकी जांच और लगातार प्रयासों के चलते वह पकड़ा गया।
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। पुलिस को शक है कि वह सिर्फ एक ही पीड़िता नहीं, बल्कि कई महिलाओं को इसी तरह फंसाकर ठगता रहा है। पूछताछ के दौरान उसने माना कि वह महिलाओं से शादी का भरोसा दिलाकर उनकी आर्थिक स्थिति और भावनात्मक कमजोरी को भुनाता था। उसके खिलाफ पहले भी शिकायतें आने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि क्या इस ठगी के पीछे कोई और गैंग या साथी भी शामिल है।
वर्तमान में आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। पुलिस अन्य संभावित पीड़ितों से अपील कर रही है कि यदि वे भी इस ठग के जाल में फंसे हों, तो आगे आकर शिकायत दर्ज कराएं ताकि मामले का दायरा और स्पष्ट हो सके।
यह मामला न केवल महिलाओं को सतर्क रहने की चेतावनी देता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि किस तरह आधुनिक टेक्नोलॉजी—Google Pay, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और सोशल मीडिया—का इस्तेमाल कर अपराधी भरोसे का दुरुपयोग कर सकते हैं। मोहन नगर पुलिस की यह कार्रवाई ऐसे मामलों के खिलाफ एक बड़ा संदेश है कि अपराध कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून की पकड़ से बचना मुश्किल है।




