
खैरागढ़ : जिले में एक बार फिर हिंदू आस्था से खिलवाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। धमधा मार्ग स्थित शनि मंदिर के पास सरकारी भूमि पर स्थित वर्षों पुराने पीपल के वृक्ष को रात के अंधेरे में नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। आरोप है कि एक व्यक्ति ने पेड़ को गिराने के उद्देश्य से उसमें यूरिया डालना शुरू किया, ताकि आसपास की भूमि पर अवैध कब्जे का रास्ता साफ हो सके। सतर्क नगरवासियों ने समय रहते इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद मौके पर कार्रवाई की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पीपल वृक्ष के समीप की भूमि ग्राम केशला निवासी नेमसिंह वर्मा की बताई जा रही है। वह बीते कुछ दिनों से अपनी जमीन को समतल करने के लिए मिट्टी पाटने का कार्य कर रहा था, जिसके लिए ग्राम डोकराभांठा निवासी डॉ. करण वर्मा की जेसीबी और हाइवा वाहन किराए पर लिया गया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस दौरान सरकारी नाले पर भी मिट्टी डालकर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा था। इसी मंशा से धार्मिक महत्व वाले पीपल वृक्ष को नष्ट करने की कोशिश की गई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जेसीबी चालक सहित मशीन को हिरासत में ले लिया। पुलिस द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि शनि मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए आने वाले श्रद्धालु इस पीपल वृक्ष की भी विधिवत पूजा करते हैं। ऐसे में इसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश को सीधे तौर पर धार्मिक आस्था पर प्रहार माना जा रहा है। जिले में लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से समाज में गहरा आक्रोश है।
घटना की जानकारी मिलते ही विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे और भूमि मालिक व वाहन मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।




