संत गोविंदराम शदाणी कन्या महाविद्यालय में ‘श्री अन्न फूड फेस्टिवल’ का आयोजन, मिलेट्स के महत्व पर दिया गया जोर
मुख्य अतिथि पुरंदर मिश्रा ने विकास कार्यों के लिए ₹2 लाख देने की घोषणा की, छात्राओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह
रायपुर। संत गोविंदराम शदाणी शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय में रुसा 2.0 के अंतर्गत श्री अन्न फूड फेस्टिवल का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि श्री पुरंदर मिश्रा जी, विशिष्ट अतिथि नोडल अधिकारी श्री अन्न फूड फेस्टिवल डॉ अभया जोगलेकर, विशेष अतिथि डॉ नीता खरे उपस्थित रही। कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ उषा किरण अग्रवाल जी के कुशल मार्गदर्शन एवं रूसा प्रभारी डॉ मनोज कुमार राव के नेतृत्व में आयोजित किया गया l
प्राचार्य डॉ उषा किरण अग्रवाल जी ने महाविद्यालय के प्रतिवेदन में महाविद्यालय की उपलब्धियो के बारे में बताया यहां महाविद्यालय की छात्राएं लगातार विश्वविद्यालय की प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करती रही है , साथ ही सभी विधाओं में अग्रणी है। महाविद्यालय की कुछ समस्याओं से भी अवगत कराया।
साथ ही प्राचार्य महोदया एवं मुख्य अतिथि श्री पुरंदर मिश्रा जी के द्वारा महाविद्यालय न्यूज लेटर का विमोचन भी किया गया । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री पुरंदर मिश्रा जी ने श्री अन्न का महत्व बताया । उन्होंने प्राचार्य की बातों को ध्यान में रखते हुए महाविद्यालय के लिए ₹200000 की राशि विकास हेतु स्वीकृत की एवं सभी छात्राओं के लिए श्री अन्न फूड फेस्टिवल के द्वारा तैयार किया जा रहे पकवानों को उनकी ओर से वितरित करने की घोषणा भी की । उन्होंने छात्राओं को विशेष रूप से समय पर सोने एवं इंस्टाग्राम , फोन को रात में 10:00 बजे के बाद बंद करने का आग्रह किया।
द्वितीय सत्र में श्री अन्न की नोडल अधिकारी डॉ अभया जोगलेकर ने श्री अन्न के बारे में विस्तार से बताया कि पॉजिटिव मिलेट्स , न्यूट्रल मिलेट्स, नेगेटिव मिलेट्स, नेगेटिव मिलेट्स कौन सी है उनके फायदे क्या है तथा उन्हें किस प्रकार से पकाना एवं उनका सेवन करना चाहिए।
मिलेट्सट की सक्सेस स्टोरी बताई । जिसमें लहरी बाई, कविता नागमपल्ली के बारे में बताया ।
द्वितीय सत्र की विशेष अतिथि डॉ नीता खरे जी रही जो इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में प्रिसिपल साइंटिस्ट है। उन्होंने मैजिकल मिलेट्स : फ्यूचर ऑफ फूड पर अपना व्याख्यान किया। बताया कि मिलेट्स जैसे कंगनी, हरि कंगनी, कोदो, रागी, बाजरा और ज्वार पोषण से भरपूर, कम पानी में उगने वाले और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी अनाज हैं। ये सभी प्रोटीन से भरपूर तथा लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले है ।
इन्हें मधुमेह में आराम से खाया जा सकता है इन्हें भविष्य का टिकाऊ और स्वस्थ भोजन माना जाता है। यदि उन्हें अलग से नहीं बनाया जाए तो उन्हें दूसरे अनाज या सब्जियों के साथ मिलकर भी बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम में कार्यक्रम समन्वयक डॉ मनोज कुमार राव , वरिष्ठ प्राध्यापिका कार्यक्रम संयोजक श्रीमति उषा अग्रवाल, डॉ आर एस लुका, डॉ मीना पाठक, डॉ मिनी गुप्ता, डॉ कविता शर्मा, डॉ माधुरी श्रीवास्तव डॉ मनीष गर्ग, डॉ सुषमा तिवारी, डॉ प्रभा वर्मा डॉ कल्पना झा, डॉ वर्षा वर्मा डॉ लक्ष्मी देवनानी, डॉ बी डी थडलानी, डॉ सिरिल डेनियल , डॉ रवि शर्मा डॉ भूमिराज पटेल डॉ संगीता झा, डॉ अंजना पुरोहित, डॉ माया लालवानी, एवं समस्त अतिथि व्याख्याता एवं छात्राएं उपस्थित रही कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ मीता अग्रवाल ने किया।





