
रायगढ़ |
रायगढ़ जिले के चक्रधरनगर थाना क्षेत्र में एक महिला को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने, गुप्त रूप से अंतरंग फोटो-वीडियो बनाने और उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल कर ब्लैकमेल करने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई रायगढ़ पुलिस के महिला सुरक्षा अभियान “अभियान संवेदना” के तहत की गई।
पुलिस के अनुसार पीड़िता की मुलाकात मार्च 2026 में कोरबा रेलवे स्टेशन पर एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान आरोपी से हुई थी। आरोपी ने स्वयं को पुलिस विभाग में कार्यरत बताते हुए वर्दीधारी तस्वीरें दिखाकर महिला का विश्वास जीता और बाद में विवाह का प्रस्ताव रखा। जांच में पता चला कि आरोपी वास्तव में पुलिसकर्मी नहीं, बल्कि निजी सुरक्षा गार्ड का कार्य करता था।
महिला ने शिकायत में बताया कि आरोपी ने शादी का भरोसा दिलाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसी दौरान उसने महिला की जानकारी के बिना अंतरंग फोटो और वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिए। बाद में इन्हीं तस्वीरों और वीडियो का सहारा लेकर आरोपी महिला पर संबंध बनाए रखने का दबाव बनाने लगा।
पीड़िता के अनुसार मई 2026 में रायपुर स्थित अस्पताल में उपचार के दौरान भी आरोपी ने उसे धमकाया और उसके निजी फोटो-वीडियो वायरल करने की बात कहकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। विरोध करने पर आरोपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक सामग्री साझा कर दी तथा लगातार धमकी और ब्लैकमेलिंग करता रहा।
मामले की शिकायत मिलते ही चक्रधरनगर पुलिस ने साइबर सेल के साथ संयुक्त जांच शुरू की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित टीम ने आरोपी की तलाश कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। न्यायालय में पेशी के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों, विशेषकर महिलाओं से अपील की है कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से हुई नई पहचान पर तुरंत भरोसा न करें तथा किसी भी प्रकार की ब्लैकमेलिंग, धमकी या ऑनलाइन उत्पीड़न की स्थिति में तत्काल पुलिस से संपर्क करें।




