Monsoon 2026: देश में बारिश की कमी बढ़कर 13%, खरीफ फसलों की बुआई पर असर; 25.10 लाख हेक्टेयर क्षेत्र घटा
बिहार, आंध्र प्रदेश और पंजाब में भी बारिश कम
Monsoon Rainfall 2026: देश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के दौरान बारिश की कमी लगातार चिंता बढ़ा रही है। 1 जून से 15 अगस्त 2026 के बीच देशभर में सामान्य से करीब 13 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। इसका असर खेती पर भी दिखाई देने लगा है। कृषि मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक 14 अगस्त 2026 तक खरीफ फसलों का कुल बुआई क्षेत्र पिछले साल की तुलना में 25.10 लाख हेक्टेयर कम रहा है।
भारत मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार बारिश की सबसे ज्यादा कमी पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में दर्ज की गई है। इस क्षेत्र में 15 अगस्त तक मॉनसून सीजन के दौरान बारिश सामान्य से 27.1 फीसदी कम रही। वहीं दक्षिण भारत में 20.1 फीसदी और उत्तर-पश्चिम भारत में 11.4 फीसदी की कमी दर्ज की गई है।
बिहार, आंध्र प्रदेश और पंजाब में भी बारिश कम
खेती के लिहाज से महत्वपूर्ण राज्यों में भी मॉनसून की कमजोर स्थिति चिंता बढ़ा रही है। 1 जून से 16 अगस्त 2026 के बीच बिहार में बारिश सामान्य से 41 फीसदी कम रही। इसी अवधि में आंध्र प्रदेश में 37 फीसदी, पंजाब में 36 फीसदी, असम में 26 फीसदी और उत्तर प्रदेश में 22 फीसदी बारिश की कमी दर्ज की गई है।
बारिश की कमी का सीधा असर खरीफ फसलों की बुआई पर पड़ रहा है। कृषि मंत्रालय की All India Cropwise Progressive Area Sown Report के अनुसार 14 अगस्त तक देश में खरीफ फसलों की बुआई पिछले साल के मुकाबले 25.10 लाख हेक्टेयर यानी 2.07 फीसदी कम रही।
धान की बुआई में सबसे ज्यादा गिरावट
खरीफ सीजन की प्रमुख फसल धान की बुआई पर बारिश की कमी का खासा असर पड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक 14 अगस्त तक देश में धान का बुआई क्षेत्र पिछले वर्ष की तुलना में 14.37 लाख हेक्टेयर यानी 3.67 फीसदी कम रहा।
हालांकि दलहन और तिलहन की स्थिति में गिरावट अपेक्षाकृत कम है। इस साल 14 अगस्त तक दलहन फसलों की बुआई पिछले साल से करीब 35 हजार हेक्टेयर कम, जबकि तिलहन का क्षेत्र लगभग 89 हजार हेक्टेयर कम रहा।
कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तट के पास कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके प्रभाव से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड के कुछ हिस्सों में अगले दो दिनों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
16 और 17 अगस्त को ओडिशा में और 17 अगस्त को गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
हिमालय से पूर्वोत्तर तक बारिश का अनुमान
मॉनसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर बना हुआ है। इसके प्रभाव से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सप्ताह के अधिकांश दिनों में बारिश होने की संभावना है। वहीं उत्तर प्रदेश में अगले 3 से 4 दिनों के दौरान कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
पूर्वोत्तर भारत में भी अगले 2 से 3 दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। असम और मेघालय में इस सप्ताह कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। मेघालय में अब तक सामान्य से 58 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आने वाले दिनों में जिन राज्यों में अच्छी बारिश की संभावना है, वहां मॉनसून की कमी कुछ हद तक कम हो सकती है। हालांकि, खरीफ फसलों की बुआई और कृषि उत्पादन पर इसका वास्तविक असर आगे होने वाली बारिश पर निर्भर करेगा।




