सावन का पहला सोमवार: काशी में मंगला आरती, उज्जैन में महाकाल का भव्य अभिषेक, देशभर के शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब
काशी विश्वनाथ में मंगला आरती के साथ हुई शुभ शुरुआत
Sawan First Monday 2026: सावन के पहले सोमवार पर पूरा देश शिवभक्ति में सराबोर नजर आया। गुजरात के सोमनाथ ज्योतिर्लिंग से लेकर वाराणसी के काशी विश्वनाथ, उज्जैन के महाकालेश्वर, झारखंड के बाबा बैद्यनाथ धाम और ओडिशा के लोकनाथ मंदिर तक लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन कर जलाभिषेक किया। सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही मंदिरों के बाहर भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं और हर ओर “हर-हर महादेव” तथा “बम-बम भोले” के जयघोष गूंजते रहे।
काशी विश्वनाथ में मंगला आरती के साथ हुई शुभ शुरुआत
मोक्षदायिनी नगरी वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में सावन के पहले सोमवार की शुरुआत भव्य मंगला आरती से हुई। हजारों श्रद्धालु सुबह-सुबह बाबा विश्वनाथ के दर्शन और आरती में शामिल होने पहुंचे। मंदिर परिसर को आकर्षक फूलों और रोशनी से सजाया गया था। भक्तों ने गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित कर भगवान शिव का जलाभिषेक किया तथा परिवार की सुख-समृद्धि और देश की खुशहाली की कामना की।
उज्जैन महाकाल में विशेष भस्म आरती और रुद्राभिषेक
मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में भी सावन के पहले सोमवार पर विशेष पूजा-अर्चना की गई। तड़के भस्म आरती के बाद महाकाल का रुद्राभिषेक और विशेष श्रृंगार किया गया। हजारों श्रद्धालु महाकाल के दर्शन के लिए देर रात से ही कतारों में खड़े रहे। मंदिर प्रशासन ने भक्तों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं कीं।
सोमनाथ ज्योतिर्लिंग में उमड़ी श्रद्धा
गुजरात के अरब सागर तट पर स्थित प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ मंदिर में भी सुबह से भक्तों की भारी भीड़ रही। देशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का दुग्धाभिषेक, जलाभिषेक और रुद्राभिषेक किया। मंदिर परिसर शिवभक्ति के भजनों और मंत्रोच्चार से गूंजता रहा।
देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम में लाखों श्रद्धालु
झारखंड के विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में सावन के पहले सोमवार को श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर प्रशासन के अनुसार दिनभर में करीब 2 से 3 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई गई।
देवघर के पुलिस अधीक्षक (SP) प्रवीण पुष्कर ने बताया कि सावन के पहले सोमवार को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। रात से ही पुलिस, क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT), ट्रैफिक पुलिस और अन्य सुरक्षा बल अपनी-अपनी ड्यूटी पर तैनात हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
पुरी के लोकनाथ मंदिर में भी उमड़ी भीड़
ओडिशा के पुरी स्थित प्रसिद्ध लोकनाथ मंदिर में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। भक्तों ने भगवान शिव का अभिषेक कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना की।
दिल्ली के गौरी शंकर मंदिर में ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के चांदनी चौक स्थित ऐतिहासिक गौरी शंकर मंदिर में भी सुबह से श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। जलाभिषेक और दर्शन के लिए भक्त घंटों लाइन में खड़े रहे। मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से गूंज उठा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
कांवड़ियों से गुलजार हुए शिवालय
सावन के पहले सोमवार पर विभिन्न राज्यों से आए कांवड़िए भी बड़ी संख्या में शिवालयों में पहुंचे। गंगाजल लेकर आए श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का अभिषेक किया। कई स्थानों पर भंडारों का आयोजन हुआ और श्रद्धालुओं के लिए चिकित्सा, पेयजल, विश्राम और सुरक्षा की विशेष व्यवस्थाएं की गईं।
क्यों खास है सावन का पहला सोमवार?
सनातन धर्म में सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इसी माह माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तप किया था। इसलिए सावन के प्रत्येक सोमवार का विशेष महत्व है। इस दिन व्रत रखने, शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करने तथा ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है।
देशभर में कड़ी सुरक्षा और विशेष व्यवस्थाएं
सावन के पहले सोमवार पर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए कई राज्यों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसरों में अतिरिक्त पुलिस बल, सीसीटीवी निगरानी, बैरिकेडिंग, मेडिकल टीम, एम्बुलेंस, कंट्रोल रूम और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है ताकि दर्शन व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
सावन के पहले सोमवार ने एक बार फिर देशभर में आस्था, भक्ति और सनातन परंपरा की अद्भुत झलक पेश की। शिवालयों में उमड़ी श्रद्धा की यह तस्वीरें बताती हैं कि भगवान भोलेनाथ के प्रति लोगों की आस्था आज भी उतनी ही अटूट है, जितनी सदियों पहले थी।




