छतौद में फैक्ट्री लगाने के प्रयास का ग्रामीणों ने किया जोरदार विरोध
ग्राम सभा ने NOC देने से किया साफ इनकार, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन; ग्रामीण बोले—गांव की जमीन पर उद्योग नहीं लगने देंगे

तिल्दा-नेवरा। ग्राम पंचायत छतौद में तारणी स्टील LLP द्वारा औद्योगिक प्लांट स्थापित किए जाने के प्रस्ताव को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी सामने आई है। प्लांट के लिए ग्राम पंचायत से NOC मांगे जाने के विरोध में ग्रामीणों ने ग्राम सभा में एकजुट होकर अपना विरोध दर्ज कराया। ग्राम सभा में NOC नहीं देने का प्रस्ताव पारित किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव की जमीन केवल उद्योग लगाने के लिए नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों, कृषि, पशुधन और ग्रामीणों की आजीविका से जुड़ी हुई है। ग्रामीणों ने कहा कि गांव की कृषि एवं चारागाह भूमि का औद्योगिक उपयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित
ग्रामीणों के अनुसार, करीब 27 एकड़ भूमि में औद्योगिक प्लांट स्थापित करने की कवायद को लेकर ग्राम सभा आयोजित की गई। बैठक में ग्रामीणों ने खुलकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई और प्लांट के लिए NOC जारी नहीं करने का निर्णय लिया।
ग्राम सभा के निर्णय के बाद पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर छतौद में औद्योगिक प्लांट अथवा फैक्ट्री की स्थापना की अनुमति नहीं देने की मांग की।
विकास के विरोध में नहीं, लेकिन जमीन और पर्यावरण से समझौता नहीं
ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें विकास से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन विकास के नाम पर गांव की जमीन, पर्यावरण और ग्रामीणों के भविष्य से समझौता मंजूर नहीं होगा। ग्रामीणों का कहना है कि यदि क्षेत्र में कोई जनहितकारी निर्माण किया जाना है तो अस्पताल, कॉलेज, स्कूल अथवा अन्य सार्वजनिक सुविधाएं विकसित की जाएं, जिससे पूरे क्षेत्र के लोगों को लाभ मिल सके।
ग्रामीणों ने कृषि एवं चारागाह भूमि को भविष्य में औद्योगिक प्रयोजनों के लिए चिन्हित अथवा आवंटित नहीं करने की भी मांग की है।
विरोध बढ़ाने की चेतावनी
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से ग्राम सभा के निर्णय को गंभीरता से लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि ग्राम सभा के प्रस्ताव और ग्रामीणों की आपत्तियों की अनदेखी करते हुए औद्योगिक प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई, तो इसका व्यापक स्तर पर विरोध किया जाएगा।
ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा—
“ग्राम सभा का निर्णय सर्वोपरि है, छतौद की जमीन पर उद्योग नहीं लगने देंगे।”
इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामवासी एवं पंचायत प्रतिनिधि मौजूद रहे। विधायक प्रत्याशी महेश साहू एवं जिला पंचायत प्रत्याशी अविराज साहू सहित अन्य लोगों ने भी ग्रामीणों के साथ उपस्थित होकर औद्योगिक प्लांट के विरोध में अपनी बात रखी।
ग्रामीणों का संदेश
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से छतौद की कृषि एवं चारागाह भूमि को सुरक्षित रखने तथा भविष्य में उसे औद्योगिक उपयोग के लिए आवंटित नहीं करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है—
“विकास के नाम पर विनाश मंजूर नहीं।
गांव की जमीन बिकने नहीं देंगे और ग्राम सभा के अधिकारों की अनदेखी नहीं होने देंगे।”
नोट: यह समाचार ग्राम सभा में ग्रामीणों द्वारा व्यक्त आपत्तियों, पारित प्रस्ताव एवं तहसीलदार को सौंपे गए ज्ञापन में रखी गई मांगों पर आधारित है। संबंधित कंपनी अथवा प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।




