
तिल्दा – नेवरा |
बद्रीनारायण बगड़िया शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नेवरा में जिला प्रशासन रायपुर के तत्वावधान में ‘प्रोजेक्ट अंतरिक्ष’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान, रॉकेट एवं उपग्रह तकनीक से परिचित कराना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष नरेंद्र शर्मा, सौरभ जैन, डॉ. लक्ष्मण साहू, वार्ड पार्षद रानी सौरभ जैन तथा सेंचुरी सीमेंट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बैकुंठ के सेवानिवृत्त प्राचार्य श्री एस.के. पांडे की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ।

आईडीवायएमएफ संस्था के वक्ता राजेश राजपूत एवं दुर्गेश कुमार द्वारा विद्यार्थियों को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की स्थापना, उसके प्रमुख केंद्रों एवं भारत की ऐतिहासिक अंतरिक्ष उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी गई।

राजेश राजपूत ने एसएलवी-3, एएसएलवी, पीएसएलवी, जीएसएलवी, एलवीएम-3 एवं चंद्रयान मिशन के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि भारत का पहला रॉकेट एसएलवी-3 वर्ष 1980 में तैयार किया गया था, जो ठोस ईंधन से संचालित था और 20 से 40 किलोग्राम तक के उपग्रह प्रक्षेपित कर सकता था। इसके बाद विकसित एएसएलवी पांच चरणों वाला रॉकेट था, जो 150 किलोग्राम तक के उपग्रह अंतरिक्ष में भेजने में सक्षम था।

वक्ताओं ने बताया कि पीएसएलवी को उसकी विश्वसनीयता के कारण “वर्कहॉर्स” भी कहा जाता है। वहीं एलवीएम-3 भारत का मानव मिशन रॉकेट है, जिसके माध्यम से वर्ष 2026 में गगनयान मिशन के तहत मानव को अंतरिक्ष में भेजने की योजना है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को रॉकेट ट्यूब से रॉकेट बनाना भी सिखाया गया। साथ ही चंद्रयान मिशन के लैंडर और रोवर की कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े अनेक प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया।

इस अवसर पर तिल्दा-नेवरा नगर पालिका की वार्ड पार्षद रानी सौरभ जैन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जिला प्रशासन रायपुर के कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह एवं जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारती द्वारा इस विद्यालय को प्रोजेक्ट अंतरिक्ष के लिए चयनित किया जाना सौभाग्य की बात है।
सेवानिवृत्त प्राचार्य एस.के. पांडे ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सिलयारी गांव के हिंदी माध्यम से पढ़े विद्यार्थी गौतम सोनी आज इसरो में कार्यरत हैं, जिससे यह सिद्ध होता है कि परिश्रम और जिज्ञासा से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
कार्यक्रम में विद्यालय के व्याख्याता खूबचंद कश्यप, नरेंद्र रात्रे, कांति बारा, कुसुम नाग, अल्का मिश्रा, सविता वर्मा, सुमन नेताम, खुशबू रामटेके, खिलेश्वर यदु, सुरेश कुमार सेन एवं मुकेश यदु सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
अंत में विद्यालय के प्राचार्य ने जिला प्रशासन रायपुर, आयोजक टीम एवं सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अंतरिक्ष विज्ञान जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़कर विद्यालय, माता-पिता एवं प्रदेश का नाम रोशन करें।




