
तिल्दा-नेवरा | प्रकाश जोशी
सकल दिगंबर जैन समाज नेवरा द्वारा श्रुत पंचमी महापर्व श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर स्थानीय जैन मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें समाज के महिला, पुरुष, युवा एवं बच्चों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
प्रातः 9 बजे स्थानीय जैन मंदिर से निकली शोभायात्रा का शुभारंभ नेवरा पधारे पूज्य आगम सागर जी महाराज एवं पुनीत सागर जी महाराज के सानिध्य में हुआ। शोभायात्रा में महिलाएं एवं पुरुष पारंपरिक वेशभूषा में एकरूपता और अनुशासन के साथ शामिल हुए। भगवान महावीर स्वामी के “जियो और जीने दो” तथा “अहिंसा परमो धर्म” के संदेशों से पूरा नगर गुंजायमान हो उठा।
शोभायात्रा में विशेष रूप से नई सुसज्जित डोली में भगवान की आकर्षक प्रतिमा विराजित कर नगर भ्रमण कराया गया। बैंड-बाजा, डीजे और भक्ति गीतों के बीच श्रद्धालु नृत्य करते हुए आगे बढ़ते रहे। पूरे मार्ग में भक्ति, उल्लास और आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला।
यह शोभायात्रा जैन मंदिर से प्रारंभ होकर बजरंग चौक, गांधी चौक सहित नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए पुनः जैन मंदिर पहुंची। आयोजन में आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। समाज के वरिष्ठजनों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम के दौरान श्रुत पंचमी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि यह पर्व जैन धर्म की पवित्र जिनवाणी और आगम ग्रंथों के सम्मान का प्रतीक है। कहा गया कि जिस प्रकार एक मां जीवन देती है, उसी प्रकार जिनवाणी जीवन जीने की सही दिशा और संस्कार प्रदान करती है।
समाजजनों ने बताया कि नगर में संतों के आगमन से धार्मिक वातावरण और अधिक सशक्त हुआ है। महाराज श्री अपने प्रवचनों के माध्यम से समाज को अहिंसा, सदाचार, संयम और मानवता के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनके सानिध्य से समाज में एकता, सौहार्द और आध्यात्मिक चेतना का विस्तार हो रहा है।
श्रुत पंचमी महोत्सव के इस आयोजन ने नेवरा नगर को धर्म, संस्कृति और सामाजिक एकता के रंग में रंग दिया तथा श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत कर दिया।




