तिल्दा-नेवरा में पहली बार विकासखंड स्तरीय निःशुल्क आयुष स्वास्थ्य मेला, 373 लोगों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण

तिल्दा-नेवरा। संचालनालय आयुष के निर्देश एवं जिला आयुष अधिकारी रायपुर के मार्गदर्शन में तिल्दा-नेवरा में प्रथम विकासखंड स्तरीय निःशुल्क आयुष स्वास्थ्य मेला आयोजित किया गया। आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) शासकीय आयुर्वेद औषधालय नेवरा द्वारा मुखर्जी चौक, गोवर्धन नगर, वार्ड क्रमांक 11 में आयोजित स्वास्थ्य मेले में 373 हितग्राहियों ने पहुंचकर विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया।

शिविर प्रभारी डॉ. अरविंद कुमार पाठक के तत्वावधान में आयोजित मेले में नागरिकों को आयुर्वेद एवं होम्योपैथी चिकित्सा के साथ योग एवं स्वास्थ्य संबंधी परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई गई। शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने पहुंचकर स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श लिया।
जिला आयुष अधिकारी ने किया निरीक्षण

जिला आयुष अधिकारी रायपुर डॉ. स्वाति रावत ने स्वास्थ्य मेले का निरीक्षण किया। उन्होंने शिविर में उपलब्ध व्यवस्थाओं, चिकित्सा सेवाओं एवं हितग्राहियों को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया।
स्वास्थ्य मेले में वरिष्ठ नागरिकों एवं गणमान्य लोगों की भी उपस्थिति रही। इस दौरान विभिन्न आयुष चिकित्सा अधिकारियों ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं।
चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने दी सेवाएं
शिविर में डॉ. आभा दीपारानी तिर्की, आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी सोनडरा, डॉ. प्रनिता चंद्रिकापुरे, आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी तरपोंगी, डॉ. संदीप प्रसाद गुप्ता, चंदखुरी तथा डॉ. प्रतिभा रानी ठाकुर, छतौद ने स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कीं।
इसके अलावा आयुर्वेद फार्मासिस्ट दयाशरण ठाकुर, निलजा, देवशरण, खरसन एवं टंडवा तथा औषधालय सेवक दुकालू राम कुर्रे, तरपोंगी ने शिविर में सहयोग किया। शासकीय आयुर्वेद औषधालय नेवरा की महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता पूनम चंद्रा एवं अंशकालीन स्वच्छक जेठुराम ध्रुव ने भी स्वास्थ्य मेले की व्यवस्थाओं में योगदान दिया।
सफल आयोजन पर जताया आभार
शिविर के समापन पर शिविर प्रभारी डॉ. अरविंद कुमार पाठक ने स्वास्थ्य मेले को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, मितानिनों, नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
स्वास्थ्य मेले के माध्यम से क्षेत्र के लोगों को अपने आसपास ही आयुष पद्धति की स्वास्थ्य सेवाएं एवं विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध हुआ, जिससे नागरिकों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी मदद मिली।




