Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि 2026 पर कौन सा मंत्र करें जप? प्रेमानंद महाराज ने बताया शिव का प्रिय नाम
“ॐ नमः शिवाय” से लेकर “सांब सदाशिव” तक, सच्ची भक्ति ही है सबसे बड़ा मंत्र
Mahashivratri 2026: फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी को मनाई जाने वाली महाशिवरात्रि इस वर्ष 15 फरवरी को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाएगी। मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था।
इस पावन अवसर पर भक्त व्रत रखते हैं, शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं और रातभर जागकर भोलेनाथ का नाम जपते हैं। ऐसे में कई श्रद्धालुओं के मन में सवाल उठता है कि आखिर महाशिवरात्रि पर कौन सा मंत्र जपना सबसे उत्तम और शीघ्र फलदायी होता है।
इसी प्रश्न का उत्तर देते हुए प्रेमानंद महाराज ने कहा कि भगवान शिव अत्यंत भोले और करुणामय हैं। वे दिखावे से नहीं, बल्कि सच्चे मन से किए गए स्मरण से प्रसन्न होते हैं। महाराज ने बताया कि “ॐ नमः शिवाय” पंचाक्षरी मंत्र अत्यंत प्रभावशाली है, लेकिन यदि श्रद्धा सच्ची हो तो कोई भी नाम जपना पर्याप्त है। उन्होंने यह भी कहा कि शिव और हरि में भेदभाव नहीं करना चाहिए, क्योंकि दोनों एक-दूसरे से जुड़े हैं। किसी एक देव की भक्ति करते हुए दूसरे की निंदा करना उचित नहीं है।
महाराज ने विशेष रूप से “सांब सदाशिव” मंत्र का जप करने की सलाह दी। “सांब” का अर्थ है माता अंबा के साथ विराजमान शिव और “सदाशिव” का अर्थ है सदा कल्याण करने वाले। इस मंत्र का जप मन को शांति, आत्मबल और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है। अंत में उन्होंने कहा कि मंत्र से अधिक महत्वपूर्ण भक्ति की सच्चाई है—यदि मन निर्मल है तो भगवान शिव किसी भी नाम से किए गए जप से प्रसन्न होकर कृपा अवश्य करते हैं।
महाराज ने “सांब सदाशिव” मंत्र को अत्यंत प्रभावी बताया, साथ ही कहा कि “ॐ नमः शिवाय” का जप भी सर्वश्रेष्ठ और सरल मार्ग है। महाशिवरात्रि के अवसर पर ये 10 अचूक शिव मंत्र विशेष फलदायी माने जाते हैं:
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ॐ नमः शिवाय
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ॐ नमो भगवते रुद्राय
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ॐ त्र्यंबकं यजामहे सुगंधिं पुष्टिवर्धनम्… (महामृत्युंजय मंत्र)
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ॐ शिवाय नमः
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सांब सदाशिवाय नमः
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ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्
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नमः शिवाय शान्ताय
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ॐ हौं जूं सः
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हर हर महादेव
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ॐ शं शिवाय नमः
इन मंत्रों का जप श्रद्धा और नियमपूर्वक करने से मन को शांति, आत्मबल, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। मान्यता है कि महाशिवरात्रि की रात किया गया जप विशेष फलदायी होता है और कष्टों को कम करता है। प्रेमानंद महाराज के शब्दों में—यदि भक्ति सच्ची है तो भगवान शिव किसी भी नाम से किए गए स्मरण से प्रसन्न होकर अपने भक्तों पर कृपा अवश्य बरसाते हैं।




