
तिल्दा नेवरा।
तिल्दा नेवरा क्षेत्र में ईंट भट्टों पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई अब सवालों के घेरे में आ गई है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे पक्षपातपूर्ण और राजनीतिक दबाव में की गई कार्रवाई बताया है। खास बात यह है कि पहली बार किसी ईंट भट्टे पर कार्रवाई के बाद थाना तिल्दा नेवरा द्वारा बाकायदा प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई, जिससे पूरे मामले को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि तिल्दा नेवरा शहर और तहसील मुख्यालय के आसपास वर्षों से बड़े पैमाने पर कई ईंट भट्टे संचालित हो रहे हैं, लेकिन उन पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वहीं दूसरी ओर तहसील मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर ग्राम अल्दा निवासी लखन लाल वर्मा, जो छोटे स्तर पर ईंट भट्टा संचालित कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे, उन पर अचानक प्रशासनिक कार्रवाई की गाज गिरा दी गई।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि तहसील मुख्यालय के “नाक के नीचे” बड़े-बड़े ईंट भट्टे खुलेआम संचालित हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा दूरस्थ गांव के एक छोटे संचालक को निशाना बनाया जाना कई सवाल खड़े करता है। लोगों के बीच यह चर्चा भी तेज है कि क्या पुलिस और प्रशासन अब तिल्दा नेवरा क्षेत्र के सभी ईंट भट्टों पर समान रूप से कार्रवाई करेंगे या फिर कार्रवाई केवल चुनिंदा लोगों तक सीमित रहेगी।
इस मामले को ग्राम अल्दा में प्रस्तावित बालाजी स्पंज उद्योग के विरोध आंदोलन से भी जोड़कर देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित उद्योग के खिलाफ लंबे समय से विरोध जारी है और लखन वर्मा को इस आंदोलन के प्रमुख नेतृत्वकर्ताओं में माना जाता है। ऐसे में लोगों के बीच यह आशंका गहराने लगी है कि प्रशासनिक कार्रवाई विरोध की आवाज को दबाने और आंदोलन को कमजोर करने की रणनीति का हिस्सा हो सकती है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव और उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने की मंशा से एक व्यक्ति विशेष को टारगेट किया गया है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि यदि कार्रवाई करनी है तो क्षेत्र में संचालित सभी अवैध ईंट भट्टों पर समान रूप से कार्रवाई की जाए, ताकि प्रशासन की निष्पक्षता बनी रहे।
इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली, निष्पक्षता और कानून के समान पालन को लेकर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में आगे क्या रुख अपनाता है और क्या बड़े स्तर पर संचालित अन्य ईंट भट्टों पर भी कार्रवाई होती है या नहीं।



