
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री ने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में देश के किसानों की नवाचारपूर्ण पहल, महानायक उत्तम कुमार की विरासत और आगामी पर्व-त्योहारों के साथ ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा देने का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि देश के कई किसान पारंपरिक खेती के साथ नई फसलों को अपनाकर अपनी आय बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
एवोकाडो की खेती बनी अतिरिक्त कमाई का जरिया
प्रधानमंत्री ने किसानों द्वारा एवोकाडो की खेती अपनाने का उदाहरण साझा किया। उन्होंने बताया कि कर्नाटक के चिक्कमगलुरु क्षेत्र में कुछ किसान भाई-बहनों ने कॉफी के बागानों के बीच एवोकाडो के पौधे लगाए हैं। इससे उन्हें कॉफी और काली मिर्च के साथ एक अतिरिक्त फसल से भी आमदनी हो रही है।
उन्होंने कहा कि जिस एवोकाडो को शहरों के रेस्तरां में लोग अलग-अलग व्यंजनों में पसंद करते हैं, उसी फसल ने किसानों के लिए आय बढ़ाने का नया अवसर तैयार किया है। प्रधानमंत्री ने किसानों के ऐसे प्रयोगों को देश की कृषि में नवाचार और आत्मनिर्भरता का उदाहरण बताया।
उत्तम कुमार की जन्म शताब्दी पर श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री ने महानायक उत्तम कुमार को याद करते हुए कहा कि 3 सितंबर को उनकी जन्म-शताब्दी मनाई जाएगी। उन्होंने उत्तम कुमार को बहुमुखी प्रतिभा वाला अभिनेता बताते हुए कहा कि उनके अभिनय ने दर्शकों के दिलों में स्थायी जगह बनाई।
प्रधानमंत्री ने फिल्मकार सत्यजीत रे की फिल्म ‘नायक – द हीरो’ का उल्लेख करते हुए उत्तम कुमार के अभिनय कौशल और व्यक्तित्व की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि उत्तम कुमार का जीवन संघर्ष और लगातार प्रयास करते रहने की प्रेरणा देता है। शुरुआती फिल्मों को अपेक्षित सफलता नहीं मिलने के बावजूद उन्होंने अपने काम पर ध्यान बनाए रखा और आगे चलकर भारतीय सिनेमा में बड़ा मुकाम हासिल किया।
प्रधानमंत्री ने कोलकाता के एक रोड शो के दौरान उत्तम कुमार के घर के सामने से गुजरने की अपनी स्मृति भी साझा की और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
त्योहारों के साथ ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश
आगामी जन्माष्टमी, विश्वकर्मा पूजा और दीपावली जैसे पर्वों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने लोगों से स्थानीय कारीगरों और शिल्पकारों को प्रोत्साहित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल’ केवल मिट्टी के दीये खरीदने तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजमर्रा की जरूरतों का सामान खरीदते समय भी यह देखना चाहिए कि वह भारत में निर्मित हो।
उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को अपनाना देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया क्रिएटर्स, इंफ्लुएंसर्स और कलाकारों से भी स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और लोगों को इसके लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।
छोटे प्रयास बन सकते हैं बड़े बदलाव की वजह
कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपने आसपास समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले लोगों और उनके प्रयासों की जानकारी ‘मन की बात’ के लिए साझा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का छोटा-सा प्रयास भी देश के दूसरे हिस्से में किसी अन्य व्यक्ति के लिए प्रेरणा बन सकता है।
प्रधानमंत्री का संदेश साफ है—किसानों के नवाचार को प्रोत्साहन, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले प्रयासों को पहचान देकर देश को आगे बढ़ाया जा सकता है।




