चित्रकूट में बाढ़ का कहर, दो मंजिला मकानों की छतों तक पहुंचा पानी
मंदाकिनी के उफान से बिगड़े हालात, घर-दुकानें जलमग्न; राहत-बचाव अभियान जारी

चित्रकूट। शनिवार को लगातार हुई भारी बारिश के बाद मंदाकिनी नदी के जलस्तर में तेज बढ़ोतरी से चित्रकूट में बाढ़ के हालात गंभीर हो गए हैं। रामघाट सहित कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घरों, दुकानों और धार्मिक स्थलों तक पहुंच गया है। कई स्थानों पर पानी दो मंजिला मकानों की ऊपरी मंजिल और छतों तक पहुंचने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
बाढ़ की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कई परिवारों ने जान बचाने के लिए मकानों की छतों पर शरण ली। कुछ इलाकों में फंसे लोगों को SDRF और प्रशासन की टीमों ने सुरक्षित बाहर निकाला। राहत एवं बचाव कार्य में हेलीकॉप्टरों की भी मदद ली जा रही है।
मंदाकिनी का रौद्र रूप
मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर पहुंचने के बाद रामघाट और आसपास के इलाकों में पानी तेजी से फैल गया। कई सड़कें और संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए, जबकि निचले इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। रिपोर्टों के मुताबिक नदी ने 2003 के बाद अपने बेहद ऊंचे जलस्तर का रिकॉर्ड भी पार किया है।
छतों पर पहुंचे लोग, रेस्क्यू अभियान तेज
बाढ़ के पानी से घिरे परिवारों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन, SDRF और अन्य बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं। कुछ स्थानों पर घरों और होटलों की ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोगों को भी सुरक्षित निकाला गया है।
प्रशासन ने लोगों से बाढ़ प्रभावित और नदी किनारे के इलाकों से दूर रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है।




