मनोहरा शासकीय स्कूल में बदहाली: पानी को तरसे बच्चे, गंदगी से भरे शौचालय

मनोहरा/हथबंद। विकास और बेहतर शिक्षा व्यवस्था के दावों के बीच शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मनोहरा में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। विद्यालय में पढ़ने वाले करीब 300 से अधिक छात्र-छात्राओं को पेयजल और स्वच्छ शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाओं के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।

हैंडपंप खराब, पानी के लिए परेशान विद्यार्थी
विद्यालय का हैंडपंप लंबे समय से खराब बताया जा रहा है। इसके चलते विद्यार्थियों को घर से पानी लाने की मजबूरी है। कई बार स्कूल में ही पानी के लिए विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
गंदगी से भरे शौचालय, छात्राओं को विशेष परेशानी
विद्यालय के शौचालयों की स्थिति भी खराब बताई जा रही है। छात्राओं के लिए बने शौचालयों में गंदगी पसरी हुई है और कुछ दरवाजे भी खराब हैं। नियमित सफाई नहीं होने से दुर्गंध की स्थिति बनी रहती है, जिससे छात्राओं को विशेष परेशानी उठानी पड़ रही है।
शिकायतों के बाद भी स्थायी समाधान नहीं

बताया गया कि विद्यालय के प्राचार्य द्वारा पेयजल और शौचालय की समस्या को लेकर संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से ग्रामीणों और शाला प्रबंधन समिति के सदस्यों में नाराजगी है।
हाल ही में शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं ग्रामीणों ने विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान शौचालयों की स्थिति देखकर उन्होंने नाराजगी जताई और प्रशासन से तत्काल व्यवस्था सुधारने की मांग की।
जल्द शौचालय निर्माण की घोषणा
ग्राम मनोहरा की सरपंच चित्रलेखा ने बताया कि महिला एवं बाल विकास की जिला अध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्य दीप्ति वर्मा ने विद्यालय में जल्द शौचालय निर्माण कराने की घोषणा की है। इससे विद्यार्थियों और ग्रामीणों को समस्या के शीघ्र समाधान की उम्मीद जगी है।
ग्रामीणों ने की तत्काल कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि विद्यालय के खराब हैंडपंप को तत्काल दुरुस्त कराया जाए, शौचालयों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए तथा छात्र-छात्राओं के लिए स्वच्छ और सुरक्षित मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।



