
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। Dowry Harassment: छत्तीसगढ़ के पेंड्रा-मरवाही जिले से घरेलू हिंसा और दहेज प्रताड़ना का बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। गौरेला थाना क्षेत्र के ग्राम लालपुर की रहने वाली 25 वर्षीय मीना पुरी ने अपने पति, सास और ससुर पर दहेज में मोटरसाइकिल की मांग को लेकर लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना देने का आरोप लगाया है। पीड़िता का दावा है कि गर्भावस्था के दौरान पति ने उसके साथ इतनी बेरहमी से मारपीट की कि उसके नवजात बेटे की जन्म के कुछ दिनों बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। मामले ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है और पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता मीना पुरी ने पुलिस को बताया कि उसका ग्राम लालपुर निवासी सोनू पुरी के साथ प्रेम संबंध था। 15 जून 2022 को सोनू उसे अपने घर ले गया था और बाद में 5 जून 2023 को दोनों ने सामाजिक रीति-रिवाज से विवाह किया। शादी के शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य था, लेकिन करीब एक साल बाद पति सोनू पुरी, सास राधाबाई और ससुर सोनसाय ने दहेज में मोटरसाइकिल की मांग शुरू कर दी। आरोप है कि मांग पूरी नहीं होने पर उसे रोजाना ताने दिए जाते थे, गाली-गलौज होती थी और कई बार मारपीट भी की जाती थी।
मीना का आरोप है कि गर्भवती होने के बाद भी उसके साथ अत्याचार बंद नहीं हुआ। उसने शिकायत में बताया कि 11 अप्रैल 2026 को पति ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और कथित तौर पर उसके पेट पर बैठ गया, जिससे वह बेहोश हो गई। पीड़िता के अनुसार, घटना के बाद गर्भ में पल रहे बच्चे की हलचल बंद हो गई और उसकी तबीयत लगातार बिगड़ने लगी। इसके बावजूद उसे समय पर सही इलाज नहीं मिल सका।
15 अप्रैल 2026 को हालत ज्यादा खराब होने पर उसे जिला अस्पताल गौरेला में भर्ती कराया गया, जहां उसने एक बेटे को जन्म दिया। लेकिन जन्म के समय से ही नवजात की हालत गंभीर थी। डॉक्टरों ने बच्चे को तत्काल बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर कर दिया। करीब 10 दिनों तक शिशु अस्पताल में इलाज चलता रहा, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद मासूम की जान नहीं बचाई जा सकी। बच्चे की मौत के बाद परिवार में मातम छा गया।
मीना पुरी ने अपने पति, सास और ससुर को नवजात की मौत और अपनी प्रताड़ना के लिए जिम्मेदार ठहराया है। वह अपने पिता के साथ गौरेला थाने पहुंची और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट, गवाहों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




