गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग तेज, 17 दिसंबर को सौंपा जाएगा ज्ञापन
गौ सम्मान आव्हान अभियान को लेकर तिल्दा के विश्राम गृह में बैठक, राज्य प्रचारक किशन शर्मा ने कहा—गौ भारतीय संस्कृति का आधार

तिल्दा-नेवरा। गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर गौ सम्मान आव्हान अभियान के तहत तिल्दा-नेवरा के स्थानीय विश्राम गृह में बैठक आयोजित की गई। बैठक में अभियान से जुड़े पदाधिकारियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गौ संरक्षण और गौ सम्मान को लेकर देशव्यापी अभियान को आगे बढ़ाने पर चर्चा की।
राजस्थान से पहुंचे गौ सम्मान आव्हान अभियान के राज्य प्रचारक किशन शर्मा ने कहा कि गौ भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण आधार है। उनके अनुसार भारतीय परंपरा में मनुष्य के जन्म से लेकर मृत्यु तक गौ का धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व माना गया है। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में अनेक धार्मिक अनुष्ठानों में गौ से जुड़े उत्पादों का उपयोग किया जाता है और गौ को सर्वदेवमयी माना गया है।
किशन शर्मा ने कहा कि अभियान की ओर से केंद्र एवं राज्य सरकार से मांग की जा रही है कि गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिया जाए। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण के लिए समाज के सभी वर्गों को जागरूक होकर आगे आने की आवश्यकता है।
बैठक में बताया गया कि 17 दिसंबर 2026, गुरुवार को राजधानी में राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। अभियान से जुड़े लोगों ने इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की।
इस अवसर पर नगर पालिका परिषद के वार्ड क्रमांक 21 की पार्षद एवं सभापति रानी सौरभ जैन ने कहा कि शहर की सड़कों, गलियों और मोहल्लों में आवारा गौवंश के कारण दुर्घटनाओं की स्थिति बनती रहती है। उन्होंने गौ संरक्षण एवं सम्मान के लिए समाज के लोगों से अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।
बैठक में समाजसेवी सौरभ जैन, वार्ड क्रमांक 19 के पार्षद दिनेश साहू, वार्ड क्रमांक 20 के पार्षद संतोष यदु, गौ सम्मान आव्हान अभियान के कवर्धा-राजनांदगांव संभाग प्रभारी रोहन चंद्रवंशी तथा दुर्ग संभाग प्रभारी कमल किशोर सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान गौ संरक्षण, गौ सम्मान तथा प्रस्तावित ज्ञापन कार्यक्रम को लेकर आगामी गतिविधियों पर भी चर्चा की गई।




