
तिल्दा-नेवरा |
तिल्दा-नेवरा के कोहका रोड क्षेत्र में सरकारी नाले को मुरुम डालकर बंद किए जाने का मामला सामने आया है। यह नाला आसपास के सैकड़ों खेतों की सिंचाई का प्रमुख स्रोत माना जाता है। नाले के बंद होने से किसानों के सामने गंभीर जल संकट खड़ा हो गया है।
स्थानीय किसानों का कहना है कि नाले में लगातार मुरुम डंप किया जा रहा है, जिससे पानी का प्राकृतिक बहाव पूरी तरह रुक गया है। इसका सीधा असर फसलों पर पड़ रहा है और कई खेतों में सूखे जैसे हालात बन गए हैं।
किसानों का आरोप
किसानों का आरोप है कि यह काम बिना अनुमति और सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है। उनका कहना है कि नाले को पाटने के पीछे निजी स्वार्थ छिपा हुआ है, जिससे भविष्य में जमीन पर कब्जे का रास्ता साफ किया जा सके।
प्रशासन की भूमिका पर सवाल
मामले को लेकर जब संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली गई, तो अनुविभागीय अधिकारी ने कहा कि नगर पालिका को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं और जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
वहीं नगर पालिका की ओर से कहा गया कि संबंधित जमीन के मालिक को बुलाया गया है और स्थिति की समीक्षा की जा रही है।
आंदोलन की चेतावनी
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द नाले को पूर्व स्थिति में बहाल नहीं किया गया, तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
फिलहाल सवाल यह बना हुआ है कि क्या प्रशासन समय रहते कार्रवाई करेगा या किसानों को अपनी फसल बचाने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ेगा।




