
तिल्दा-नेवरा। हिंदू नववर्ष के पावन अवसर पर चैत्र मास में श्री शनि देव मंदिर में अखंड मनोकामना ज्योति प्रज्वलित की गई है। यह ज्योति भगवान शनि महाराज एवं नवग्रह देवताओं के नाम से निरंतर प्रज्ज्वलित रहती है, जिसे श्रद्धा, विश्वास और संकल्प का प्रतीक माना जाता है।
मंदिर में प्रज्वलित यह अखंड ज्योति केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि भक्तों की गहरी आस्था और भगवान के प्रति अटूट विश्वास का प्रतीक है। मान्यता है कि इस ज्योति के माध्यम से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन की विभिन्न समस्याओं का निवारण होता है।
भगवान शनि देव, जो सूर्य देव के पुत्र एवं न्याय के देवता माने जाते हैं, मनुष्य के कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। ऐसे में उन्हें प्रसन्न करने और उनकी कृपा दृष्टि प्राप्त करने के लिए श्रद्धालु पूरे विधि-विधान से इस अखंड ज्योति को जलाते हैं।
मंदिर परिसर में इन दिनों विशेष धार्मिक वातावरण बना हुआ है। श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं और अपने जीवन में सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना कर रहे हैं। कई भक्तों का मानना है कि इस अखंड ज्योति के प्रभाव से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आए हैं।

प्रतिवर्ष चैत्र मास में इस परंपरा का आयोजन किया जाता है, जिसमें दूर-दूर से भक्त शामिल होते हैं। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनता जा रहा है, बल्कि लोगों के जीवन में आशा और विश्वास का संदेश भी दे रहा है।





