रसोई ही परिवार की शक्ति का केंद्र, सात्विकता से बनता है सुखी जीवन : ब्रह्माकुमारी
महिला दिवस पर तिल्दा में “सात्विक रसोई : सुखी परिवार” कार्यक्रम, महिलाओं को मिला स्वस्थ जीवन का संदेश

तिल्दा नेवरा ।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में तिल्दा शहर में ब्रह्माकुमारीज सेवाकेंद्र द्वारा रविवार शाम “सात्विक रसोई : सुखी परिवार” विषय पर एक प्रेरणादायी आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं को बताया गया कि रसोई केवल भोजन बनाने का स्थान नहीं, बल्कि पूरे परिवार को स्वस्थ, सशक्त और सुखी बनाने का प्रमुख केंद्र है।

कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि भोजन बनाते समय महिला की मनःस्थिति, भावनाएं और विचार सीधे परिवार के स्वास्थ्य एवं वातावरण को प्रभावित करते हैं। शांत, प्रसन्न और सकारात्मक मन से तैयार किया गया भोजन परिवार में सुख, शांति और संतुलन लाता है।

कार्यक्रम की शुरुआत बहन राधा वर्मा द्वारा प्रस्तुत आध्यात्मिक गीत से हुई, जिसमें परमात्मा से जुड़कर जीवन की चिंताओं को दूर करने का संदेश दिया गया। इसके बाद नन्ही बालिका रुचिका ने मनमोहक भक्ति गीत प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।

महिलाओं की टीम द्वारा प्रस्तुत एक संदेशपूर्ण नाटक में दिखाया गया कि अशांत मन से बनाया गया भोजन परिवार के रिश्तों और वातावरण पर नकारात्मक प्रभाव डालता है, जबकि प्रेम और शांति से बना भोजन घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रकला वर्मा, विशिष्ट अतिथि डॉ. ज्योति वाधवा एवं भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष रानी जैन की उपस्थिति में कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। सभी अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया।
अपने उद्बोधन में बीके प्रियंका ने बताया कि रसोई केवल स्वाद नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, संस्कार और ऊर्जा का केंद्र है। उन्होंने आयुर्वेद के तीन दोष—जाती दोष, आश्रय दोष और निमित्त दोष—की जानकारी देते हुए कहा कि असंतुलित खान-पान आज कई बीमारियों का कारण बन रहा है। उन्होंने महिलाओं को भोजन बनाने से पहले मेडिटेशन करने की सलाह दी।
डॉ. ज्योति वाधवा ने सात्विक भोजन की महत्ता बताते हुए कहा कि यदि लोग अपने खान-पान और मानसिक स्थिति को संतुलित रखें, तो अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है। उन्होंने शरीर के “दूसरे मस्तिष्क” यानी गट हेल्थ पर भी प्रकाश डाला।
रानी जैन ने अपने संबोधन में कहा कि यह कार्यक्रम महिलाओं को उनकी वास्तविक शक्ति का एहसास कराता है और समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करता है। वहीं मुख्य अतिथि चंद्रकला वर्मा ने इसे समय की आवश्यकता बताते हुए महिलाओं से सात्विक जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में बीके प्रियंका ने सकारात्मक संकल्पों के साथ भोजन बनाने की प्रक्रिया का अनुभव कराया और बताया कि इच्छुक लोगों के लिए 30 मार्च से सेवाकेंद्र में निःशुल्क शिविर आयोजित किया जाएगा।





