
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद् की बैठक में राज्यहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में ऊर्जा, कृषि, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, योग, परिवहन, नवा रायपुर विकास एवं खनिज नियमों से संबंधित अहम प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई।
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को आईपीओ (IPO) के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किए जाने की सैद्धांतिक सहमति दी। इस फैसले से आम नागरिकों और निवेशकों को कंपनी की विकास यात्रा में भागीदारी का अवसर मिलेगा तथा कंपनी की वित्तीय पारदर्शिता और क्षमता मजबूत होगी।
मंत्रिपरिषद् ने खरीफ-2026 से कृषक उन्नति योजना के नए स्वरूप को भी मंजूरी दी। धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसलों की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की आदान सहायता दी जाएगी। योजना का लाभ एग्रीस्टेक पंजीयन और डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर मिलेगा। सरकार का उद्देश्य फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना और किसानों की आय में वृद्धि करना है।
बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को चना वितरण जारी रखने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को NeML ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से चना खरीदी की अनुमति दी गई। साथ ही वर्तमान व्यवस्था को अप्रैल से जून 2026 तक बढ़ाने का अनुमोदन भी दिया गया।
कैबिनेट ने ‘योग’ विषय को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन लाने का निर्णय लिया। इससे योग शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान गतिविधियों का बेहतर संचालन हो सकेगा।
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का मार्ग भी प्रशस्त हुआ। इसके लिए पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म (PSM) के अंतर्गत डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) को मंजूरी दी गई।
नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को भूमि क्रय पर मिलने वाली स्टाम्प ड्यूटी छूट की अवधि 31 मार्च 2028 तक बढ़ा दी गई है। इससे नवा रायपुर के सुनियोजित विकास और आधारभूत संरचना विस्तार को गति मिलेगी।
इसके अलावा छत्तीसगढ़ खनिज नियम 2009 में संशोधन को मंजूरी दी गई। अब खनिज परिवहन वाहनों में RFID टैग और ट्रैकिंग सिस्टम अनिवार्य होगा। आधुनिक तकनीक से खनिजों के ग्रेड निर्धारण और मात्रा आकलन की व्यवस्था लागू की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा तथा राजस्व में वृद्धि होगी।



