
Arang News: शुक्रवार को नगर पंचायत समोदा में आयोजित बैठक में नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा महिला आरक्षण के नाम पर भ्रामक जानकारी प्रस्तुत करते हुए प्रस्ताव लाने का प्रयास किया गया, जिसका नगर पंचायत के समस्त कांग्रेस पार्षदों एवं विपक्ष के सदस्यों ने कड़ा विरोध किया।
विपक्ष के पार्षदों ने स्पष्ट रूप से कहा कि महिला आरक्षण से संबंधित कानून वर्ष 2023 में ही पारित हो चुका है, लेकिन आज तक इसे देश में लागू नहीं किया गया है। इसके बावजूद भारतीय जनता पार्टी के नेता एवं केंद्र सरकार, विशेषकर पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, महिलाओं को गुमराह करने का कार्य कर रहे हैं।
नगर पंचायत समोदा में लाया गया यह प्रस्ताव केवल महिलाओं को भ्रमित करने और राजनीतिक लाभ लेने का एक प्रयास है, जिसका कांग्रेस पार्टी पुरजोर विरोध करती है। कांग्रेस पार्षदों ने यह भी कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिला सशक्तिकरण के प्रति गंभीर है, तो उसे तत्काल प्रभाव से महिला आरक्षण कानून को लागू करना चाहिए, न कि केवल उसका राजनीतिक प्रचार करना चाहिए।
इस विरोध कार्यक्रम में पार्षद के रूप में उपस्थित रहे:सत्येंद्र चेलक, देवेंद्र साहू, दानेश्वरी साहू, गायत्री शोभा साहू, दीपा जगदीश साहू, वैशालिनी ईश्वर साहू।साथ ही निर्दलीय पार्षद भीषम साहू एवं सोना अमित राय का भी इस विरोध में सहयोग रहा।
कांग्रेस पार्टी स्पष्ट रूप से मानती है कि भाजपा का यह कदम महिला विरोधी है और समाज में भ्रम फैलाने वाला है। नगर पंचायत के भीतर इस प्रकार की भ्रामक राजनीति का कोई स्थान नहीं होना चाहिए।
अतः कांग्रेस पार्टी एवं विपक्ष के सभी पार्षद इस प्रस्ताव की कड़ी निंदा करते हैं और भविष्य में इस प्रकार के किसी भी भ्रामक प्रस्ताव का विरोध जारी रखने का संकल्प लेते हैं।




