CG NEWS: आवास प्लस 2.0 पर वतन चंद्राकर का हमला, ‘अपनों को रेवड़ी, गरीब बेघर’; सूची में गड़बड़ी का आरोप

आरंग। छत्तीसगढ़ में २४ जून को आयोजित विशेष ग्रामसभा के बाद ‘आवास प्लस २.०’ योजना के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। जिला पंचायत सदस्य वतन चंद्राकर ने सूची में बड़े पैमाने पर अनियमितता और अपात्रों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाते हुए भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि गरीबों को छत मुहैया कराने के नाम पर लाई गई यह योजना जमीनी स्तर पर सिर्फ अपने चहेतों को ‘रेवड़ी’ बांटने का जरिया बनकर रह गई है।वतन चंद्राकर ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इस नई सूची के सार्वजनिक होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में भारी असंतोष और आक्रोश की स्थिति है।
सूची में ऐसे रसूखदार और संपन्न लोगों के नाम धड़ल्ले से शामिल किए गए हैं, जिनके पास पहले से ही आलीशान पक्के मकान मौजूद हैं। इतना ही नहीं, प्रशासनिक लापरवाही और बदनीयती का आलम यह है कि पिछली सूची के ही नामों को दोबारा दोहराकर सिर्फ कागजी आंकड़े चमकाने की कोशिश की जा रही है। इस पूरी बंदरबांट में जो वास्तविक जरूरतमंद, गरीब और बेघर परिवार हैं, उन्हें साजिश के तहत योजना से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।
जिला पंचायत सदस्य वतन चंद्राकर ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिन गरीब परिवारों को सच में सिर छुपाने के लिए एक अदद छत की दरकार है, वे आज भी इस सरकारी योजना के लाभ से पूरी तरह वंचित हैं। भाजपा सरकार धरातल पर काम करने के बजाय सिर्फ कागजी उपलब्धियों का ढिंढोरा पीट रही है और झूठा प्रचार कर जनता को गुमराह कर रही है।
चंद्राकर ने सरकार से सीधे सवाल करते हुए पूछा है कि भाजपा सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आवास योजना वाकई गरीबों के कल्याण के लिए है या सिर्फ अपने संगठन से जुड़े लोगों और करीबियों को उपकृत करने के लिए बनाई गई है? उन्होंने मांग की है कि इस पूरी सूची की अविलंब निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। सूची में शामिल किए गए सभी फर्जी और दोहराए गए नामों को तत्काल हटाया जाए और जो वास्तविक रूप से बेघर और पात्र लोग हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आवास स्वीकृत किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही इस दोषपूर्ण सूची में सुधार कर गरीबों को उनका हक नहीं दिया, तो वे ग्रामीणों के साथ मिलकर सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।




