
नई दिल्ली | नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने सोलर पीवी सेल्स के लिए ‘मॉडल और निर्माताओं की स्वीकृत सूची’ (ALMM) सूची-II को लेकर अहम निर्णय लिया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि 1 जून 2026 के बाद इस सूची की समय-सीमा में कोई व्यापक विस्तार नहीं दिया जाएगा।
सरकार के अनुसार, यह फैसला हितधारकों से प्राप्त सुझावों, विस्तृत समीक्षा और उद्योग जगत के साथ विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। इसके तहत अब 1 जून 2026 के बाद शुरू होने वाली नेट-मीटरिंग और ओपन एक्सेस परियोजनाओं को ALMM सूची-II के नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
हालांकि, मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि पहले से किए गए निवेश को देखते हुए कुछ मामलों में राहत दी जाएगी। जिन परियोजनाओं में सोलर मॉड्यूल की स्थापना पूरी हो चुकी है या जिनमें भूमि अधिग्रहण, वित्तीय समापन (फाइनेंशियल क्लोजर), कनेक्टिविटी और उपकरणों की आपूर्ति जैसे महत्वपूर्ण कदम पूरे हो चुके हैं, उन्हें केस-टू-केस आधार पर समय-वृद्धि दी जा सकती है।
इन मामलों की जांच के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित की जाएगी, जो राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान (NISE) द्वारा बनाए गए पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों का मूल्यांकन करेगी। डेवलपर्स को 30 जून 2026 तक अपने दावे आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा करने होंगे।
मंत्रालय ने यह भी बताया कि ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के तहत “गिव इट अप” अभियान में शामिल आवासीय उपभोक्ता योजना की अवधि तक मौजूदा नियमों के अंतर्गत रहेंगे, लेकिन उन्हें आवेदन केवल राष्ट्रीय पोर्टल के माध्यम से ही करना होगा।
सरकार का कहना है कि यह निर्णय सोलर पीवी मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम में नीतिगत स्थिरता लाने, निवेशकों के भरोसे को मजबूत करने और भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।




