Delhi Crime: डेटिंग ऐप पर फेक प्रोफाइल से 67 साल के बुजुर्ग को फंसाया, फिर मोबाइल चोरी कर उड़ाए 1.30 लाख रुपये; दो महिलाएं गिरफ्तार
फिलहाल मामले की जांच जारी है।
नई दिल्ली। दिल्ली में डेटिंग ऐप के जरिए एक 67 वर्षीय बुजुर्ग को कथित तौर पर ठगी का शिकार बनाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने फेक डेटिंग प्रोफाइल के जरिए बुजुर्ग से दोस्ती की, उसे मिलने के लिए बुलाया और मुलाकात के दौरान उसका मोबाइल फोन चोरी कर लिया। इसके बाद उसके दो बैंक खातों से UPI के जरिए करीब 1.30 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ज्योत्सना (26) और मानसी (21) के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि ज्योत्सना ने कथित तौर पर एक फर्जी डेटिंग प्रोफाइल बनाई थी और उसी के जरिए 67 वर्षीय शिकायतकर्ता से बातचीत शुरू की। कुछ समय बाद बातचीत डेटिंग ऐप से हटकर मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर पहुंच गई। इसके बाद बुजुर्ग को आमने-सामने मिलने के लिए बुलाया गया।
पुलिस के अनुसार 20 जुलाई को दोनों महिलाओं की शिकायतकर्ता से पहली मुलाकात हुई थी। इसके बाद 24 जुलाई को उसे दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी स्थित एक रेस्टोरेंट में बुलाया गया। वहां तीनों ने साथ में खाना खाया। आरोप है कि रेस्टोरेंट से बाहर निकलते समय बुजुर्ग का मोबाइल फोन चोरी कर लिया गया। इसके बाद कथित तौर पर उसी मोबाइल और बैंकिंग एक्सेस का इस्तेमाल कर उसके खातों से पैसे ट्रांसफर किए गए।
मोबाइल चोरी होने के बाद शिकायतकर्ता के दो बैंक खातों से बिना अनुमति UPI के जरिए कुल 1.30 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। घटना के अगले दिन 25 जुलाई को दक्षिण-पश्चिम जिले के साइबर पुलिस स्टेशन में ई-एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद पुलिस ने बैंक ट्रांजेक्शन, CCTV फुटेज और तकनीकी इनपुट के आधार पर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने KYC दस्तावेज, बैंक अकाउंट खोलने के फॉर्म, बैंक स्टेटमेंट और ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड खंगाले। पुलिस के मुताबिक ठगी की रकम पहले एक आरोपी के बैंक खाते में पहुंची और बाद में उसकी महिला साथी के खाते में ट्रांसफर की गई। कुल रकम में से करीब 90 हजार रुपये ATM के जरिए निकाले गए।
पुलिस को CCTV फुटेज में कथित तौर पर दोनों महिलाएं ATM से पैसे निकालती हुई दिखाई दीं। इस फुटेज और तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों को ट्रेस किया। बैंक ट्रांजेक्शन की कड़ियां जोड़ने के बाद पुलिस ने ज्योत्सना और मानसी को गिरफ्तार कर लिया।
जांच में यह भी सामने आया कि ज्योत्सना ने फेक डेटिंग प्रोफाइल तैयार की थी, जबकि मानसी कथित तौर पर मुलाकात के दौरान उसी महिला के रूप में बुजुर्ग के सामने पेश हुई, जिससे वह ऑनलाइन बातचीत कर रहा था। पुलिस का आरोप है कि दोनों ने बुजुर्ग को यह विश्वास दिलाया कि वह उसी महिला से मिल रहा है, जिससे उसकी डेटिंग ऐप पर दोस्ती हुई थी।
पुलिस के मुताबिक, मोबाइल फोन को बाद में कथित तौर पर नष्ट कर दिया गया था। हालांकि CCTV फुटेज, तकनीकी निगरानी और बैंक लेन-देन से मिले सुरागों के आधार पर जांच टीम आरोपियों तक पहुंच गई। पुलिस ने दोनों के पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं दोनों आरोपियों ने इसी तरह किसी और व्यक्ति को तो अपना निशाना नहीं बनाया। साथ ही बैंक खातों और पैसों के लेन-देन से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।




