Electric Geyser Blast: कड़ाके की ठंड के मौसम में घरों में इलेक्ट्रिक गीजर और इमर्शन रॉड का इस्तेमाल आम हो गया है, लेकिन यही सुविधा कई बार जानलेवा साबित हो सकती है। देश के अलग-अलग हिस्सों से गीजर फटने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें कई लोगों की जान भी जा चुकी है। हाल ही में दिल्ली में एक महिला की मौत इलेक्ट्रिक रॉड की वजह से हो गई थी, वहीं इससे पहले कई घरों में गीजर बम की तरह फटने की घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार गीजर फटने की सबसे बड़ी वजह मेंटेनेंस की कमी और हाई प्रेशर है। कई लोग सालों तक गीजर की सर्विसिंग नहीं कराते, जिससे टैंक में लीकेज, जंग और थर्मोस्टेट सेंसर खराब हो जाता है। थर्मोस्टेट का काम तय तापमान पर पहुंचते ही पावर कट करना होता है, लेकिन सेंसर खराब होने पर गीजर लगातार गर्म होता रहता है और अंदर अत्यधिक प्रेशर बन जाता है।
कई लोग रातभर गीजर ऑन छोड़ देते हैं, जिससे पानी जरूरत से ज्यादा गर्म होकर तेज दबाव बनाता है। वहीं गीजर में लगा प्रेशर रिलीज वाल्व अगर खराब हो जाए तो अंदर का दबाव बाहर नहीं निकल पाता और गीजर फटने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
गीजर फटने से पहले के संकेत
अगर गीजर से अचानक पानी टपकने लगे तो इसे हल्के में न लें, यह अंदर ज्यादा प्रेशर बनने का संकेत हो सकता है।
गीजर से भूरे रंग का या जंग मिला पानी आना टैंक खराब होने का साफ इशारा है।
गीजर से असामान्य आवाजें आना या बार-बार बिजली ट्रिप होना भी खतरे की घंटी है।
बचाव के जरूरी उपाय
अगर गीजर में किसी भी तरह की गड़बड़ी दिखे तो तुरंत उसका स्विच ऑफ कर दें।
गैस गीजर की स्थिति में पहले गैस सप्लाई बंद करें।
खुद से छेड़छाड़ करने के बजाय किसी प्रोफेशनल मैकेनिक या कंपनी के कस्टमर केयर को कॉल करें।
सभी पार्ट्स, थर्मोस्टेट और प्रेशर वाल्व की जांच के बाद ही गीजर दोबारा चालू करें।
समय-समय पर गीजर की सर्विसिंग कराना बेहद जरूरी है।