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Dhurandhar: फ्रांस – मैक्रों का बॉलीवुड स्टाइल विदाई मैसेज, ‘धुरंधर’ गाने से इंटरनेट पर तहलका

भारत दौरे के बाद शेयर किए गए वीडियो में बॉलीवुड ट्रैक का इस्तेमाल, PAK को लेकर छिड़ी बहस

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का भारत दौरा केवल कूटनीतिक बैठकों और समझौतों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जाते-जाते उन्होंने इसे पूरी तरह फिल्मी अंदाज़ दे दिया। अपने आधिकारिक दौरे की समाप्ति पर मैक्रों ने सोशल मीडिया पर एक फेयरवेल वीडियो शेयर किया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया। इस वीडियो की सबसे खास बात रही इसका बैकग्राउंड म्यूजिक—डायरेक्टर आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर’ का दमदार टाइटल ट्रैक। जैसे ही यह क्लिप सामने आई, लोगों का ध्यान गंभीर राजनीतिक चर्चाओं से हटकर इस बॉलीवुड स्वैग पर टिक गया और एक साधारण ‘थैंक यू’ पल भर में ट्रेंडिंग मोमेंट बन गया।

मैक्रों ने वीडियो के साथ सिर्फ इतना लिखा, “Thank You India!”, लेकिन कमेंट सेक्शन में सबसे ज्यादा चर्चा उनके म्यूजिक चॉइस की हुई। एक यूजर ने लिखा, “क्या कोई ‘धुरंधर’ के बैकग्राउंड गाने पर बात नहीं करेगा?” वहीं दूसरे ने चुटकी लेते हुए कहा, “इसे कहते हैं धुरंधर-लेवल की मीटिंग।” कई लोग इस बात से हैरान दिखे कि एक विदेशी राष्ट्राध्यक्ष ने अपनी विदाई के लिए इतने जोशीले भारतीय ट्रैक को चुना।

जिस गाने ने वीडियो को खास बनाया, वह रणवीर सिंह की मल्टीस्टारर फिल्म ‘धुरंधर’ का चर्चित ट्रैक ‘ना दे दिल परदेसी नूं’ है। 5 दिसंबर को रिलीज हुई इस फिल्म में संजय दत्त, अक्षय खन्ना, आर माधवन और अर्जुन रामपाल जैसे कलाकार नजर आए थे। फिल्म की सफलता के बाद अब इसका सीक्वल ‘धुरंधर: द रिवेंज’ 19 मार्च को रिलीज होने जा रहा है, जिसका टीजर पहले ही सोशल मीडिया पर चर्चा बटोर चुका है।

सोशल मीडिया पर यह सवाल भी उठने लगा कि क्या इस गाने के जरिए मैक्रों ने इशारों-इशारों में पाकिस्तान पर तंज कसा? गौरतलब है कि यह फिल्म पाकिस्तान में बैन है और इसकी कहानी आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो-टॉलरेंस नीति और जासूसी मिशन पर आधारित है। हालांकि, इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन बहस जरूर तेज हो गई है।

अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान मैक्रों ने मुंबई और नई दिल्ली में कई अहम कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। उन्होंने भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की दिग्गज हस्तियों से मुलाकात की और नई दिल्ली में आयोजित ‘AI इम्पैक्ट समिट’ में भाग लिया, जो विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भारत-फ्रांस सहयोग का बड़ा संकेत माना जा रहा है। कुल मिलाकर, यह दौरा कूटनीति के साथ-साथ सांस्कृतिक जुड़ाव का भी प्रतीक बन गया।

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