नहीं रहे रामानंद सागर के बेटे आनंद, नम आंखों से मुंबई में दी गई अंतिम विदाई
‘रामायण’ की विरासत संभालने वाले आनंद सागर का निधन, पवन हंस श्मशान घाट में हुआ अंतिम संस्कार
टीवी के ऐतिहासिक धार्मिक शो ‘रामायण’ के निर्माता रामानंद सागर के बेटे आनंद रामानंद सागर चोपड़ा का 13 फरवरी 2026 को निधन हो गया। उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार शुक्रवार शाम 4:30 बजे मुंबई के पवन हंस हिंदू श्मशान भूमि में किया गया, जहां परिवार और करीबी लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। सागर परिवार ने इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए इस दुखद समाचार की पुष्टि करते हुए गहरा शोक व्यक्त किया और बताया कि आनंद का शांतिपूर्ण निधन हुआ।
परिवार की ओर से जारी संदेश में उन्हें गर्मजोशी, गरिमा और मूल्यों से भरा व्यक्तित्व बताया गया, जिन्होंने अपनी दयालुता और सादगी से कई लोगों के जीवन को छुआ। आनंद, ‘रामायण’ (1987) के निर्माता रामानंद सागर के पुत्र थे और सागर आर्ट्स की दूसरी पीढ़ी के प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। 2005 में रामानंद सागर के निधन के बाद उन्होंने परिवार के साथ मिलकर ‘रामायण’ समेत कई क्लासिक प्रोजेक्ट्स को नए रूप में प्रस्तुत करने का काम जारी रखा।
2020 के कोविड लॉकडाउन के दौरान जब ‘रामायण’ का पुन: प्रसारण हुआ, तो उसने रिकॉर्ड तोड़ लोकप्रियता हासिल की और नई पीढ़ी को भी इस महाकाव्य से जोड़ा। आनंद ने सागर आर्ट्स के बैनर तले पौराणिक और भक्तिपूर्ण प्रोजेक्ट्स की क्रिएटिव देखरेख और प्रबंधन में अहम योगदान दिया। उनका प्रयास रहा कि सागर ब्रांड आस्था-आधारित टेलीविजन कार्यक्रमों का पर्याय बना रहे। उनके निधन से भारतीय टेलीविजन जगत में शोक की लहर है।




