नई दिल्ली — Alcohol History: आज दुनिया के लगभग हर देश में शराब का सेवन किसी न किसी रूप में किया जाता है। कहीं यह सामाजिक परंपरा का हिस्सा है तो कहीं इसे मनोरंजन या आदत के रूप में देखा जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया में सबसे पहले शराब किसने बनाई होगी? किस इंसान ने पहली बार शराब पीने की शुरुआत की और आखिर लोग शराब पीते ही क्यों हैं? यह सवाल हजारों साल पुराने इतिहास से जुड़ा है और इसका जवाब जानना बेहद दिलचस्प है।
इतिहासकारों के अनुसार शराब का इतिहास इंसानी सभ्यता जितना ही पुराना है। माना जाता है कि शराब का सबसे पहला रूप फर्मेंटेशन (Fermentation) की प्रक्रिया से बना था। यह प्रक्रिया तब होती है जब किसी फल या अनाज में मौजूद शर्करा (शुगर) प्राकृतिक रूप से खमीर (यीस्ट) की मदद से अल्कोहल में बदल जाती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह प्रक्रिया इंसानों ने जानबूझकर नहीं बल्कि संयोग से खोजी थी।
कैसे हुई शराब की खोज
इतिहास की कई किताबों और रिसर्च में बताया गया है कि करीब 9000 साल पहले चीन के कुछ क्षेत्रों में चावल, शहद और फलों को मिलाकर एक प्रकार का किण्वित पेय बनाया जाता था। पुरातत्वविदों को चीन के जियाहू नामक स्थान पर ऐसे बर्तन मिले हैं जिनमें शराब जैसे पेय के अवशेष पाए गए थे। यह अब तक की सबसे पुरानी शराब मानी जाती है।
कुछ विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि सबसे पहले शराब फलों से बनी होगी। जब किसी पेड़ से फल गिरकर लंबे समय तक पड़े रहते थे तो उनमें प्राकृतिक रूप से किण्वन होने लगता था। जब किसी इंसान ने ऐसे फलों को खाया या उनका रस पिया तो उसे हल्का नशा महसूस हुआ होगा। इसी अनुभव के बाद इंसानों ने जानबूझकर ऐसी चीजें बनानी शुरू कीं जिनसे नशा पैदा हो सके।
प्राचीन सभ्यताओं में शराब
इतिहास के पन्नों में कई प्राचीन सभ्यताओं में शराब के इस्तेमाल के प्रमाण मिलते हैं।
मेसोपोटामिया (Mesopotamia) — करीब 4000 साल पहले यहां के लोग जौ से बनी बीयर पीते थे। उस समय बीयर को देवताओं का उपहार माना जाता था।
मिस्र (Egypt) — प्राचीन मिस्र में भी बीयर और वाइन का बहुत महत्व था। यहां के मजदूरों को पिरामिड बनाने के दौरान रोजाना बीयर दी जाती थी। इसे ताकत और ऊर्जा देने वाला पेय माना जाता था।
यूनान और रोम (Greece & Rome) — यूनान और रोम की सभ्यताओं में वाइन बहुत लोकप्रिय थी। वहां के दार्शनिक और राजा अक्सर सभाओं में वाइन पीते थे। वाइन को संस्कृति और सभ्यता का प्रतीक माना जाता था।
भारत में शराब का इतिहास
भारत में भी शराब का इतिहास बहुत पुराना है। ऋग्वेद और अन्य प्राचीन ग्रंथों में “सुरा” और “सोम रस” का उल्लेख मिलता है। माना जाता है कि सुरा एक प्रकार का किण्वित पेय था जो अनाज या फलों से बनाया जाता था। हालांकि उस समय इसे धार्मिक और सामाजिक नियमों के तहत ही पिया जाता था।
कुछ ग्रंथों में यह भी बताया गया है कि राजा-महाराजा और योद्धा युद्ध या उत्सव के समय शराब का सेवन करते थे। लेकिन साधारण लोगों के लिए इसके नियम काफी सख्त थे।
शराब क्यों पी जाती है?
आज के समय में लोग अलग-अलग कारणों से शराब पीते हैं। इसके पीछे कई सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और सांस्कृतिक कारण होते हैं।
1. सामाजिक कारण
कई देशों में शराब को सामाजिक मेलजोल का हिस्सा माना जाता है। पार्टी, शादी या दोस्तों के साथ मिलने पर लोग शराब पीते हैं।
2. मानसिक प्रभाव
शराब पीने से दिमाग पर असर पड़ता है और व्यक्ति को थोड़ी देर के लिए हल्कापन या खुशी महसूस होती है। इसी कारण कई लोग तनाव कम करने के लिए शराब पीते हैं।
3. परंपरा और संस्कृति
कई संस्कृतियों में शराब पीना एक परंपरा बन चुका है। यूरोप के कई देशों में वाइन को भोजन का हिस्सा माना जाता है।
शराब के प्रकार
दुनिया में कई तरह की शराब बनाई जाती है। इनमें से कुछ प्रमुख प्रकार इस प्रकार हैं —
बीयर (Beer) — यह जौ या अन्य अनाज से बनाई जाती है और दुनिया में सबसे ज्यादा पी जाने वाली शराब है।
वाइन (Wine) — यह अंगूर से बनाई जाती है और यूरोप में काफी लोकप्रिय है।
व्हिस्की (Whisky) — यह अनाज से बनती है और लंबे समय तक लकड़ी के बैरल में रखी जाती है।
वोडका (Vodka) — यह आमतौर पर आलू या अनाज से बनाई जाती है।
रम (Rum) — यह गन्ने के रस या गुड़ से बनाई जाती है।
क्या शराब की खोज किसी एक व्यक्ति ने की?
इतिहासकारों के अनुसार शराब की खोज किसी एक व्यक्ति ने नहीं की थी। यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया के कारण धीरे-धीरे खोजी गई। इंसानों ने जब यह देखा कि किण्वित फलों या अनाज से नशा पैदा होता है तो उन्होंने इसे जानबूझकर बनाना शुरू कर दिया।
शराब और स्वास्थ्य
शराब का असर शरीर पर काफी गहरा होता है। थोड़ी मात्रा में शराब पीने से कुछ लोगों को आराम महसूस हो सकता है, लेकिन अधिक मात्रा में शराब पीना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक होता है। डॉक्टरों के अनुसार ज्यादा शराब पीने से लीवर की बीमारी, दिल की समस्या और कई मानसिक समस्याएं हो सकती हैं।
आधुनिक समय में शराब उद्योग
आज शराब दुनिया के सबसे बड़े उद्योगों में से एक बन चुका है। दुनिया भर में हर साल अरबों डॉलर की शराब बेची जाती है। कई देशों की अर्थव्यवस्था में शराब उद्योग का बड़ा योगदान है।
हालांकि कई देशों में शराब को लेकर सख्त नियम भी बनाए गए हैं। कुछ जगहों पर शराब पर भारी टैक्स लगाया जाता है, जबकि कुछ देशों में इसे पूरी तरह प्रतिबंधित भी किया गया है।
निष्कर्ष
अगर इतिहास पर नजर डालें तो साफ पता चलता है कि शराब का इतिहास हजारों साल पुराना है। यह किसी एक व्यक्ति की खोज नहीं बल्कि प्रकृति की एक प्रक्रिया से शुरू हुआ चलन है। समय के साथ यह कई संस्कृतियों और समाजों का हिस्सा बन गया। हालांकि आज भी यह बहस जारी है कि शराब पीना सही है या गलत। लेकिन इतना जरूर कहा जा सकता है कि इसका इतिहास इंसानी सभ्यता के विकास के साथ जुड़ा हुआ है।




