
सूरजपुर |
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां रिपोर्टिंग के दौरान तीन पत्रकारों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया। घटना रविवार की बताई जा रही है, जब पत्रकार खदान क्षेत्र में हालात जानने पहुंचे थे।
मिली जानकारी के मुताबिक, चंद्र प्रकाश साहू, लोकेश गोस्वामी और मनीष जायसवाल खदान से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी लेने मौके पर पहुंचे थे। मुख्य गेट पर उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली, जिसके बाद वे सड़क किनारे से ही आसपास के हालात का जायजा लेने लगे।
रिपोर्टिंग के दौरान कुछ सुरक्षा कर्मियों ने उनसे बहस शुरू कर दी। इसी बीच कुछ लोग वाहन से मौके पर पहुंचे और पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की। आरोप है कि इस दौरान उनके कैमरे और मोबाइल फोन भी छीन लिए गए।
बताया जा रहा है कि इसके बाद तीनों पत्रकारों को जबरन खदान परिसर की ओर ले जाया गया, जहां कुछ समय तक उन्हें रोके रखा गया। इस दौरान उनसे पूछताछ की गई और रिकॉर्डिंग सामग्री हटाने का दबाव बनाया गया।
करीब 3 से 4 घंटे बाद उन्हें छोड़ा गया। घटना के दौरान एक पत्रकार की तबीयत बिगड़ने की भी जानकारी सामने आई है।
इस मामले में संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
बड़ा सवाल
यह घटना एक बार फिर पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती है। सवाल उठ रहा है कि क्या जमीनी स्तर पर काम करने वाले पत्रकार सुरक्षित हैं?





