
कबीरधाम।
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में हनुमान जी की मूर्ति से मुकुट चोरी करने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने स्पष्ट किया कि मूर्ति खंडित होने की खबर पूरी तरह अफवाह थी—केवल मुकुट चोरी हुआ था।
जानकारी के अनुसार, घटना फलवारी परिसर स्थित हनुमान मंदिर की है। पुजारी की शिकायत पर कोतवाली थाना में अपराध दर्ज कर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपी योगेश दुबे उर्फ मोनू दुबे ने चोरी की बात कबूल की। इस वारदात में देवी मिश्रा ने सहयोग किया था, जबकि चोरी किए गए मुकुट को मनीन्द्र सोनी (सुनार) को 1800 रुपये में बेचा गया था।
जांच में सामने आया कि सुनार ने मुकुट को गलाकर नष्ट कर दिया था। हालांकि, मोहल्ले में घटना की जानकारी मिलने के बाद उसने उसी चांदी से नया मुकुट तैयार किया, जिसे पुलिस ने उसके कब्जे से बरामद कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों ने मंदिर पहुंचकर हनुमान जी से अपने कृत्य के लिए माफी भी मांगी। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
कबीरधाम पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि बिना वैध बिल या दस्तावेज के सोने-चांदी के आभूषणों की खरीद-फरोख्त न करें। साथ ही, किसी भी अपुष्ट जानकारी या अफवाह पर विश्वास न करें और न ही उसे शेयर करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाना को दें।
यह कार्रवाई न सिर्फ अपराध पर लगाम लगाने की दिशा में अहम कदम है, बल्कि समाज में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने का भी संदेश देती है।






